अमेरिका में करनाल के युवा का साहसी बलिदान: दोस्तों की जान बचाते हुए अर्शदीप ने तोड़ा दम
अमेरिका की एक झील में जब उसका दोस्त डूबने लगा, तो अर्शदीप ने बिना एक पल सोचे पानी में छलांग लगा दी। दोस्त तो बच गया, लेकिन अर्शदीप हमेशा के लिए गहरे पानी में समा गया।
करनाल (05 जुलाई 2026/अटल हिन्द ब्यूरो ):
अमेरिका में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहाँ हरियाणा के करनाल का रहने वाला 24 वर्षीय अर्शदीप सिंह अर्शदीप पुत्र प्रगट सिंह अपने दोस्तों की जान बचाते हुए काल के गाल में समा गया। अर्शदीप की बहादुरी की चर्चा हर तरफ हो रही है, लेकिन इस हादसे ने उसके परिवार को गहरा सदमा पहुँचाया है।
दोस्तों को बचाने के लिए की अंतिम कोशिश
अर्शदीप अपने चार-पांच दोस्तों के साथ अमेरिका की टाहो लेक पर घूमने गया था। जानकारी के अनुसार, अर्शदीप तैरना जानता था और एक बार सुरक्षित बाहर निकल भी आया था। तभी उसने अपने दो साथियों को गहरे पानी में डूबते देखा। अपने साथियों को खतरे में देख वह बिना झिझक दोबारा झील में कूद पड़ा। अर्शदीप ने वीरता का परिचय देते हुए अपने दोस्तों को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन वह खुद गहरे पानी की लहरों में फंस गया और अपनी जान नहीं बचा सका। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे पानी से बाहर निकालकर अस्पताल पहुँचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
सपनों के लिए कर्ज लेकर गया था अमेरिका
करनाल की विकास कॉलोनी का रहने वाला अर्शदीप वर्ष 2023 में डंकी रूट के जरिए अमेरिका पहुँचा था। परिवार ने आर्थिक तंगी दूर करने के लिए करीब 45 लाख रुपये का कर्ज लेकर उसे विदेश भेजा था। वहाँ वह फ्रेस्नो शहर में अपने रिश्तेदारों अपनी बुआ-फूफा के पास रहकर मेहनत-मजदूरी कर रहा था। दो साल पहले ही अर्शदीप के पिता प्रगट सिंह का हार्ट अटैक से निधन हो गया था, जिसके बाद से घर की पूरी जिम्मेदारी उसके कंधों पर थी। परिवार को उम्मीद थी कि अर्शदीप विदेश में कमाकर घर की आर्थिक स्थिति बेहतर करेगा।
सरकार से शव भारत लाने की गुहार
अर्शदीप के निधन से उसकी मां मनप्रीत कौर और बहन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार ने केंद्र और हरियाणा सरकार से भावुक अपील की है कि वे उनके बेटे के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने में मदद करें। परिजनों का कहना है कि अर्शदीप ने दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी शहादत दी है, ऐसे में सरकार को मानवीय आधार पर उनकी मदद करनी चाहिए ताकि वे अपने लाडले के अंतिम दर्शन कर सकें। फिलहाल, अमेरिकी पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
यह समाचार समाज के लिए एक उदाहरण है कि कैसे एक युवा ने अपनी जान की परवाह न करते हुए दोस्ती और मानवता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।

