फेसबुक पर रॉयल रिश्ते पेज बनाकर शादी के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़,
दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार, महिला की आवाज में कॉल कर फंसाते थे जाल में
अम्बाला /12 जून 2026 /अटल हिन्द ब्यूरो /पूर्ण सिंह
साइबर प्रबंधक उप-निरीक्षक संदीप सिंह के नेतृत्व में सहायक उप-निरीक्षक परविंदर सिंह, मुख्य सिपाही नवदीप कुमार व उनकी टीम ने सोशल मीडिया के जरिए शादी कराने के नाम पर देशव्यापी ठगी करने वाले एक शातिर फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में कानपुर से फर्जी कॉल सेंटर के संचालक और मैनेजर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
आरोपियों की पहचान सुधीर कुमार साहू (निवासी गांव संजयग्राम, थाना सरसावा, जिला जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़; हाल निवासी कानपुर) और तुकेस्वर नंद उर्फ शिवा (निवासी गांव कोतरह, थाना जैजपुर, जिला शक्ति, छत्तीसगढ़) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी फेसबुक पर रॉयल रिश्ते नाम से एक फर्जी पेज चलाते थे।
जैसे ही कोई यूजर इस पेज को लाइक या क्लिक करता था, आरोपियों के पास उस यूजर की पूरी प्रोफाइल और पर्सनल डिटेल पहुंच जाती थी। इसके बाद आरोपी अलग-अलग नंबरों से लगातार कॉल करके सामने वाले को अपनी बातों के जाल में फंसा लेते थे।
पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में तकनीकी उपकरण बरामद किए हैं, जिसमें 19 कीपैड मोबाइल फोन शामिल हैं,जिनका इस्तेमाल सिंपल कॉल पर महिला की आवाज में बात करके लोगों को लुभाने के लिए किया जाता था। 10 एंड्रॉयड स्मार्टफोन मिले जिनसे केवल व्हाट्सएप कॉल की जाती थी। 1 टैबलेट जिसमें शिकार हुए लोगों का पूरा डेटा और पैसों का हिसाब-किताब रखा जाता था।
7 लाख से अधिक की ठगी और धमकी का मामला
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब जग्गी गार्डन, अंबाला शहर के निवासी शिकायतकर्ता सुरेश कुमार ने 6 जून 2026 को साइबर थाना अंबाला में अज्ञात ठगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपियों ने फेसबुक पेज के जरिए उनसे दोस्ती की और शादी का झांसा देकर अलग-अलग किस्तों में कुल 7,14,000 रुपये ठग लिए।
जब पीडित को ठगी का अहसास हुआ और उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने उसे समाज में बदनाम करने और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया है।
रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इनका नेटवर्क कहां तक फैला है, और अब तक इन्होंने देश भर में कितने मासूम लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है।


