जिस शहीद के नाम पर बैडमिंटन कोर्ट, उसका न तो नाम और न हीं चित्र !
एक करोड़ से अधिक का शहीद राव तुलाराम बैडमिंटन कोर्ट बदहाल बना दिया
पार्षदों के नाम वाले शानदार सुंदर आकर्षक बोर्ड, लेकिन राव तुलाराम की उपेक्षा
राव तुलाराम बैडमिंटन कोर्ट में इसका उद्घाटन शिलापट्ट अभी तक नहीं लगाया
बड़ा सवाल राव तुलाराम के नाम की अपेक्षा या फिर की जा रही अनदेखी
राव तुलाराम बैडमिंटन कोर्ट की मेंटिनेंस में, पटौदी जाटोली मंडी परिषद-पार्षद नकारा
फतह सिंह उजाला /न्यूज रिसोर्स अटल हिन्द/हेलीमंडी/23 जुलाई 2026

। युवा वर्ग और भविष्य के खिलाड़ियों के लिए बनाए गए राव तुलाराम बैडमिंटन कोर्ट की बदहाली का मामला एक दिन पहले सोशल मीडिया की सुर्खियां बना। इस पर तुरंत एक सम्मानित पार्षद के द्वारा ठोस शब्दों में कहा गया इसकी पेमेंट रोक देंगे, व्यवस्था सही नहीं है । ठीक प्रकार से काम नहीं हो रहा।
इन पार्षद महोदय को याद रखना चाहिए लोगों के द्वारा व्यवस्था को सुधारने के लिए अपना जनप्रतिनिधि चुना गया है। पेमेंट रोकना व्यवस्था सुधारने के लिए कितना उचित है ? पेमेंट रोक दोगे । इस बैडमिंटन कोर्ट की मेंटेनेंस और देख-देख के अभाव में और भी बद से बद्हालत होती चली जाएगी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अमर शहीद राव तुलाराम जो कि पटौदी से चुनाव लड़े और मुख्यमंत्री बने स्वर्गीय राव वीरेंद्र सिंह, उनके पुत्र केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और राव इंद्रजीत सिंह की पुत्री हरियाणा में स्वास्थ्य मंत्री राव आरती सिंह के पूर्वज अमर शहीद राव तुलाराम के नाम की इतनी अपेक्षा और अनदेखी, शहादत का ऐसा अपमान है।
जिसको क्षमा किया जाना भी संभव नहीं होगा । इस बैडमिंटन कोर्ट का उद्घाटन भी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के द्वारा ही करवाया गया। दावा किया गया यहां पर युवाओं और भविष्य के खिलाड़ियों के लिए बेहतर और आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी।
लेकिन आज हालात यह है कि यहां पर अमर शहीद राव तुलाराम के नाम का उद्घाटन शिलापट्ट लगाना और मुख्य प्रवेश द्वार पर 100 रुपए के पेंट से नाम तक लिखवाना जरूरी नहीं समझा जा रहा है।
जबकि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और उनकी पुत्री आरती राव सिंह दोनों ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज खिलाड़ी है। इस प्रकार देखें तो अमर शहीद राव तुलाराम के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय पिता पुत्री खिलाड़ियों का भी अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है।

इस संदर्भ में उपलब्ध जानकारी एवं सूत्रों के मुताबिक यह बैडमिंटन कोर्ट एक करोड़ से अधिक लागत में तैयार किया गया। यहां पर जितने प्रकार के भी खेल से संबंधित संसाधन ,सुविधा उपलब्ध करवाई गई थी ,मौजूदा समय में गायब हो चुकी है।
ना बिजली की फिटिंग है ,ना ही यहां पर लगाए गए एयर कंडीशन है। खिड़कियों- जंगलों में लगे हुए शीशे भी नहीं बचे ,यहां बने हुए जन सुविधाओं के लिए शौचालय इत्यादि तो अपने आप में ही सबसे गंभीर समस्या बन चुके हैं ।
पहले भी युवा वर्ग और भविष्य खिलाड़ियों को अपने सामने साकार करने वाले इस बैडमिंटन कोर्ट मैं सुविधाओं के अभाव सहित इसकी बदहाली का मामला अखबारों के माध्यम से सुर्खियां बना। परिणाम यह हुआ कि इसकी देखरेख और मेंटेनेंस के मुद्दे को लेकर एकदम से राजनीति हावी हो गई।
मेंटेनेंस और देखरेख के नाम पर भुगतान को लेकर भ्रष्टाचार के मामले को आगे कर दिया गया । पिछले 2 साल में शायद ही इस बैडमिंटन कोर्ट में किसी भी प्रकार की प्रतियोगिता आयोजित करवाई गई हो।
यहां आने और खेल का अभ्यास करने वाले युवाओं का कहना है कि यहां पर ने तो कोई चौकीदार है और ना ही कोई प्रशिक्षक, कोच अथवा ट्रेनर उपलब्ध करवाया जा रहा है। यह अब बैडमिंटन कोर्ट नहीं डरावना भवन बन चुका है।
दिन ढले पर अंधेरा छाया रहता है । खेल का अभ्यास करने की भी किसी प्रकार की सुविधा नहीं है । खिड़कियों में शीशे इत्यादि नहीं होने की वजह से कई बार बंदर भी अंदर जाकर हमला करते रहते हैं । बैडमिंटन कोर्ट के अंदर प्रवेश करने के सामने वाले स्थान पर जंगली घास और खरपतवार का साम्राज्य है।
मौजूदा समय में मानसून को देखते हुए यहां पर विभिन्न जहरीले जानवरों का डर हमेशा बना रहता है । इस प्रकार की बदहाली को देखते हुए अनेक युवा और युवतियों के द्वारा यहां पर खेलना और अभ्यास करना बंद कर किया जा चुका है।
इस क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों और स्थानीय नागरिकों की सबसे पहले और प्राथमिक मांग यही है कि अमर शहीद राव तुलाराम के नाम पर बनाए गए इस बैडमिंटन कोर्ट में सबसे पहले इसके उद्घाटन वाला शिलापट्ट लगवाने के साथ प्रवेश द्वार पर अमर शहीद राव तुलाराम का नाम लिखवाया जाए । जिससे कि युवा पीढ़ी को भी यह मालूम हो कि यह बैडमिंटन कोर्ट किस अमर शहीद के नाम पर बनाया गया है।
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