कैथल /11 जुलाई 2026/अटल हिन्द /राजकुमार अग्रवाल
कैथल जिले का सजूमा गांव इन दिनों भीषण स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है। दूषित पेयजल की आपूर्ति के कारण गांव में हेपेटाइटिस-ए और अन्य संक्रामक बीमारियों का प्रकोप फैल गया है। पिछले 15 दिनों में करीब 70 बच्चे बीमारी की चपेट में आ चुके हैं, जिनमें से 11 वर्षीय रितिका की पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के दौरान दुखद मृत्यु हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट और वर्तमान स्थिति
स्वास्थ्य विभाग की जांच में अब तक लिए गए नमूनों में से हेपेटाइटिस-ए की पुष्टि हुई है।स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अब तक 39 रक्त नमूने एकत्र किए हैं। इनमें से 8 की रिपोर्ट आई है, जिसमें 5 में हेपेटाइटिस-ए पॉजिटिव पाया गया। बाकी करीब 20 रिपोर्ट्स का इंतजार है।वर्तमान में जिला नागरिक अस्पताल सहित विभिन्न निजी अस्पतालों में संक्रमित बच्चों का उपचार चल रहा है। विभाग द्वारा गांव में 12 टीमें तैनात की गई हैं, जो घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं और प्रभावितों को दवाइयां उपलब्ध करा रही हैं। अब तक कुल 39 पानी के नमूने लिए जा चुके हैं और लोगों को एहतियात के तौर पर पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है।
क्षतिग्रस्त पाइपलाइन बनी मुसीबत
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की वर्षों पुरानी पेयजल पाइपलाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त है, जिससे नालियों और सीवरेज का दूषित पानी नलों में आ रहा है। ग्रामीणों ने कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन प्रशासन और जनस्वास्थ्य विभाग ने समय रहते सुध नहीं ली, जिसका खामियाजा अब बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।

आदित्य सुरजेवाला ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने गांव का दौरा कर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सरकार और मुख्यमंत्री नायब सैनी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “जो सरकार जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं करा सकती, उसे सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।”
विधायक की प्रमुख मांगें:
मृतका रितिका के परिवार को तुरंत मुआवजा दिया जाए।
प्रभावित सभी परिवारों को उचित आर्थिक सहायता मिले।
दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
गांव में तत्काल नई पाइपलाइन बिछाकर शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था की जाए।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि सभी बीमार बच्चों पर निगरानी रखी जा रही है और इलाज में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। लोगों को पानी उबालकर पीने, स्वच्छता बनाए रखने और लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है। शनिवार को कोई नया मरीज अस्पताल में भर्ती नहीं हुआ, जो राहत की बात है। हालांकि विभाग गांव में लगातार निगरानी रख रहा है।नोट: प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास कर रहा है। स्थानीय लोगों ने स्थायी समाधान की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटना न दोहराई जाए।

