गंदा पानी पीने को मजबूर मुकंदमाजरा धनौरा के लोग, हो रहे बीमार
जगह-जगह से पेयजल पाइपलाइन लीक, विभाग के खिलाफ लोगों में रोष
अम्बाला /12 जून 2026 /अटल हिन्द ब्यूरो /पूर्ण सिंह
विभागीय उदासीनता के चलते उपमंडल के गांव मुकंदमाजरा धनौरा के लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, जिस कारण लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। जलापूर्ति एवं जनस्वास्थ्य विभाग को बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई हल नही निकलता बल्कि दफ्तरों में बैठे अफसर उनकी शिकायत को पोर्टल पर बंद कर देते हैं। ऐसे में आज लोगों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने विभाग के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगाया।
मुकंदमाजरा धनौरा के पूर्व सरपंच राजपाल, मोहन, सुनील, बिट्टू, बब्बू, रोहित, आकाश, कमेर लाल, सुरेश बाला, हरबंस कौर, कुसम, निर्मला देवी, मीना कुमारी व अमरजीत सिंह समेत अन्य ने आरोप लगाया कि वह लोग कई महीने से दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। गांव में पेयजल पाइपलाइन जगह-जगह से लीक है।
गंदगीयुक्त नाली के पास भी पाइपलाइन लीक है, जिस कारण नाली की गंदगी पेयजल सप्लाई में घरों में जा रही है। पेयजल आपूर्ति के समय यह गंदा पानी साफ दिखाई देता है। यह पानी बिल्कुल भी पीने लायक नहीं है। किसी तरह वह पानी को उबालकर पीते हैं और नलके आदि से पानी लाकर अपना गुजारा कर रहे हैं। दूषित पानी के सेवन से गांव के लोग बीमार हो रहे हैं।
इसका शिकार खासकर बच्चे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस संबंध में कई बार गांव के सरपंच से मांग की कि लेकिन कोई हल नहीं निकला। वहीं इसके संबंध में लिखित में विभाग को शिकायतें की गई, लेकिन हर बार उनकी शिकायतों को बिना हल के निपटा दिया जाता है। सीएम विंडो पर दी गई शिकायत का भी कोई हल नहीं निकला। स्थानीय अधिकारी और कर्मचारी गांव में देखने तो आते हैं, लेकिन बिना कुछ समाधान किए वापिस चले जाते हैं।
बिना हल किए पोर्टल पर बंद कर दी शिकायत
ग्रामीण सुनील कुमार और रोहित कुमार ने बताया कि जब उनकी कहीं सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने 22 मई को अपने-अपने नाम से विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत की। जब उन्होंने पोर्टल चेक किया जो सुनील कुमार की शिकायत चार दिन बाद ही पोर्टल पर हल करके क्लोज कर दी। वहीं रोहित की शिकायत भी 30 मई को बंद कर दी।
रोहित ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने विभाग के कार्यकारी अभियंता हरभजन कंबोज को फोन किया और कहा कि समस्या हल नहीं हुई, लेकिन पोर्टल पर समस्या को हल के नाम पर बंद कर दिया। कार्यकारी अभियंता ने उनसे शिकायत का नंबर मांगा और अब कई दिन होने के बावजूद उनकी समस्या का हल नहीं हुआ।
सुनील कुमार ने बताया कि दूषित पेयजल के कारण उनकी पत्नी कई दिन तक बीमार रही। वहीं रोहित ने बताया कि उसके पिता संत राम और बेटा यशप्रीत इन्फेक्शन से पीडि़त रहे हैं। गांव के अन्य घरों में भी लोग दूषित पेयजल के कारण बीमार हो रहे हैं। इस संबंध में वह कई बार जेई से बात कर चुके हैं, लेकिन उन्होंने भी इस समस्या का कोई हल नहीं किया।
पंचायत की ओर से लिखित में दे चुके हैं मांगपत्र
धनौरा सरपंच प्रतिनिध दविन्द्र सिंह का कहना है कि दूषित पेयजल की समस्या बहुत ही गंभीर है। गांव में डाली गई पेयजल पाइपलाइन करीब 25 साल पुरानी है। वर्ष 2023 में नई पेयजल पाइपलाइन के लिए ग्राम पंचायत की तरफ से प्रस्ताव पास कर जलापूर्ति एवं जनस्वास्थ्य विभाग को दिया गया।
अम्बाला कार्यालय से इस कार्य के लिए एस्टीमेट बनाकर पंचकूला हेडक्वार्टर में भेजा गया था। वह कई बार अम्बाला कार्यालय गए, जहां उन्हें बताया जाता है कि अभी बजट पास नहीं हुआ है। मजबूरी में गांव के लोग दूषित पानी पी रहे हैं और बीमार हैं। उनकी विभाग से मांग है कि नई पेयजल पाइपलाइन जल्द डालकर ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति की जाए।
वर्जन
कर्मचारियों को भेजकर लीकेज ठीक करवा दी जाएगी। यहां पर तीन किमी नई पाइपलाइन डालने के लिए अस्टीमेट बना रखा है। यह टेक्निकल तो पास हो गया है, लेकिन एडमिन नहीं आई है। जैसे ही मंजूरी आ जाएगी, नई पाइपलाइन डाली जाएगी।
जेई कुलदीप सिंह


