रणबीर सिंह रोहिल्ला /19 जुलाई 2026 /अटल हिन्द ब्यूरो/सोनीपत
सोनीपत जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के मलिकपुर गाँव में एक नाबालिग लड़की का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। यह शव गाँव के ही एक गंदे पानी के जोहड़ (तालाब) के किनारे मिट्टी में दबा हुआ मिला। जैसे ही यह खबर ग्रामीणों तक पहुँची, मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुरथल थाना पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुँची और जाँच शुरू कर दी।
शव मिलने की इस घटना ने तब और बड़ा मोड़ ले लिया जब गाँव में ही किराए पर रहने वाली एक महिला ने इस मामले में सीधे तौर पर हत्या और शव को ठिकाने लगाने के बेहद गंभीर आरोप लगाए। फिलहाल पुलिस सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, लेकिन इस घटना ने पूरे इलाके की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे सामने आया पूरा मामला?
घटना की शुरुआत 16 जुलाई की रात से जोड़ी जा रही है। मलिकपुर गाँव के एक मकान में किराए पर रहने वाली सावित्री नाम की महिला ने बताया कि उस रात उसने कुछ संदिग्ध गतिविधियाँ देखी थीं। सावित्री के अनुसार, देर रात एक रिक्शे में एक लड़की को वहाँ लाया गया था। मकान मालिक के भाई, दो अन्य युवक और एक महिला उस लड़की को लेकर आए थे। जब सावित्री ने उनसे पूछताछ करनी चाही, तो उन्होंने कहा कि लड़की काफी बीमार है और उसका इलाज चल रहा है।
हालाँकि, सावित्री को उनकी बातों पर और उनके हाव-भाव पर गहरा शक हुआ। आधी रात को जिस तरह से लड़की को लाया गया था, वह किसी सामान्य बीमारी का मामला नहीं लग रहा था। सावित्री ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत अपने पड़ोसी को जगाया और उसके मोबाइल फोन से आपातकालीन नंबर डायल 112 पर कॉल करके पुलिस को इसकी सूचना दी।
शिकायतकर्ता महिला के पुलिस और मकान मालिक पर गंभीर आरोप
सावित्री का आरोप है कि सूचना मिलने के बाद जब डायल 112 की टीम मौके पर पहुँची, तो वहाँ स्थिति सुधरने के बजाय और बिगड़ गई। महिला ने एक बेहद हैरान करने वाला आरोप लगाते हुए कहा कि मौके पर आए एक पुलिसकर्मी ने उसके साथ सहयोग करने के बजाय उल्टा उसी के साथ मारपीट की। इसके साथ ही, सावित्री ने यह भी दावा किया है कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद मकान मालिक और उसके करीबियों ने उसे मुँह बंद रखने की हिदायत दी और शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
इस डर और तनातनी के बीच, 16 जुलाई की रात जिस लड़की को लेकर सावित्री ने पुलिस को आशंका जताई थी, दो दिन बाद उसका शव उसी मकान के ठीक पीछे स्थित गंदे पानी के जोहड़ के किनारे मिट्टी में दबा हुआ बरामद हुआ। शव मिलने के बाद सावित्री के दावों को काफी बल मिला है, जिससे पुलिस प्रशासन भी अब बैकफुट पर नजर आ रहा है।
फॉरेंसिक टीम और पुलिस की कार्रवाई
जोहड़ के किनारे मिट्टी में शव दबे होने की सूचना मिलते ही सोनीपत पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मुरथल थाना प्रभारी राजीव कुंडू अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुँचे। चूंकि मामला बेहद संवेदनशील था और इसमें पहले ही पुलिस पर लापरवाही के आरोप लग चुके थे, इसलिए पूरी कानूनी प्रक्रिया का कड़ाई से पालन किया गया।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी: शव को मनमाने तरीके से निकालने के बजाय ड्यूटी मजिस्ट्रेट को मौके पर बुलाया गया। उनकी देखरेख में ही मिट्टी को हटवाकर लड़की के शव को बाहर निकाला गया।
वीडियोग्राफी और साक्ष्य जुटाना: पुलिस ने इस पूरी प्रक्रिया की बारीकी से वीडियोग्राफी करवाई ताकि अदालत में कोई भी सबूत कमजोर न पड़े। इसके साथ ही फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास से फिंगरप्रिंट्स और अन्य भौतिक साक्ष्य एकत्र किए हैं।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव: शव को बाहर निकालने के बाद उसे तुरंत कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल के शवगृह में पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों (जैसे गला घोंटना, जहर देना या चोट पहुँचाना) का साफ पता चल सकेगा।
मृतका की पहचान और पुलिस के सामने चुनौतियाँ
इस पूरे मामले में पुलिस के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती मृतका की पहचान करना है। शव मिलने के कई घंटों बाद भी लड़की की शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लड़की स्थानीय सोनीपत की ही रहने वाली थी या उसे किसी दूसरे जिले या राज्य से यहाँ लाया गया था।
थाना प्रभारी राजीव कुंडू ने मीडिया को बताया कि पुलिस हर एक पहलू पर बहुत गहराई से काम कर रही है। आसपास के थानों और जिलों में हाल ही में दर्ज हुई गुमशुदगी की रिपोर्ट (Missing complaints) को खंगाला जा रहा है। इसके साथ ही, किराएदार महिला सावित्री द्वारा जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनसे भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| घटनास्थल | गाँव मलिकपुर, सोनीपत (हरियाणा) |
| मुख्य गवाह / शिकायतकर्ता | सावित्री (मकान में रहने वाली किराएदार महिला) |
| संदेह का घेरा | मकान मालिक का भाई, दो अज्ञात युवक और एक महिला |
| पुलिस की वर्तमान स्थिति | शव का पोस्टमार्टम जारी, मृतका की पहचान की कोशिश |
ग्रामीणों में आक्रोश और उठते सवाल
इस वारदात के बाद से मलिकपुर गाँव के लोगों में भारी गुस्सा और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर 16 जुलाई की रात को ही किराएदार महिला की शिकायत पर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाई होती और मकान की ठीक से तलाशी ली होती, तो शायद इस नाबालिग लड़की की जान बचाई जा सकती थी या आरोपी मौके पर ही दबोचे जा सकते थे।
पुलिसकर्मी द्वारा शिकायतकर्ता महिला के साथ मारपीट करने के आरोप ने मामले को और ज्यादा तूल दे दिया है। लोग अब इस बात की भी माँग कर रहे हैं कि उस रात मौके पर पहुँचे डायल 112 के कर्मचारियों की भूमिका की भी उच्च स्तरीय जाँच होनी चाहिए।
आगे क्या होगी पुलिस की रणनीति?
मुरथल थाना पुलिस के अनुसार, इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की शुरुआती प्राथमिकताओं में निम्नलिखित कदम शामिल हैं:
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार: मौत का समय और तरीका जानने के लिए डॉक्टर की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
आरोपियों की धरपकड़: महिला ने जिन लोगों के नाम लिए हैं, उनकी लोकेशन ट्रेस की जा रही है ताकि उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा सके।
कॉल डिटेल्स की जाँच: घटना की रात जिन लोगों पर शक है, उनके मोबाइल फोन की सीडीआर (Call Detail Record) निकाली जा रही है ताकि यह पता चल सके कि वे किसके संपर्क में थे।
सोनीपत का यह मामला सीधे तौर पर महिला सुरक्षा और जमीनी स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। अब देखना यह होगा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट और पुलिसिया जाँच में इस खौफनाक हत्याकांड के पीछे का असली सच क्या निकलकर सामने आता है।

