लापरवाही पर सैनी सरकार सख्त: ‘सार्थक’ टीम के नोटिस को हल्के में लेना पड़ा भारी, नपेंगे हिसार के 8 सीनियर डॉक्टर
हिसार://अटल हिन्द डेस्क/ 17 जुलाई 2026
हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही और ढुलमुल रवैया अपनाने वाले अफसरों के खिलाफ प्रदेश सरकार ने पूरी तरह से हंटर चला दिया है। ड्यूटी में कोताही बरतने और ‘सार्थक’ टीम द्वारा जारी किए गए नोटिसों का सही जवाब न देने पर हिसार जिले के आठ बड़े स्वास्थ्य अधिकारियों के खिलाफ बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सरकार ने साफ कर दिया है कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ और काम में सुस्ती किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आधिकारिक आदेशों के मुताबिक, इन सभी आठों अधिकारियों के खिलाफ ‘हरियाणा सिविल सेवा (दंड तथा अपील) नियम, 2016’ के नियम-8 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उच्च अधिकारियों को इन सभी के खिलाफ चार्जशीट (आरोप पत्र) का ड्राफ्ट तैयार कर सरकार को भेजने का जिम्मा सौंप दिया गया है।
गाज गिरने वाले अफसरों की सूची: कौन-कौन है शामिल?
कार्रवाई के दायरे में आए इन 8 अधिकारियों में जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य अधिकारी से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) के प्रभारी शामिल हैं:
डॉ. सपना गहलावत – सिविल सर्जन, हिसार
डॉ. सज्जन – वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (SMO), सीएचसी मंगाली
डॉ. आशिमा चौधरी – वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (SMO), सीएचसी सीसवाल
डॉ. नरेंद्र शर्मा – वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (SMO), सीएचसी खांडा खेड़ी
डॉ. विक्रम – वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (SMO), सीएचसी मिर्चपुर
डॉ. रोशनलाल – वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (SMO), सीएचसी आर्यनगर
डॉ. जितेंद्र शर्मा – उप सिविल सर्जन (एनटीईआईपी)
डॉ. नीरू गुप्ता – उप सिविल सर्जन (एनसीडी)
15 दिनों का अल्टीमेटम, पंचकूला से मॉनिटरिंग
इस मामले को लेकर राज्य मुख्यालय बेहद गंभीर है। स्वास्थ्य विभाग ने महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (हरियाणा) को सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं कि वे बिना किसी देरी के 15 दिनों के अंदर इन अधिकारियों के खिलाफ नियम-8 के तहत आरोप पत्र का पूरा प्रारूप तैयार करें। इस ड्राफ्ट को विभाग के एडीजीपी से पास करवाकर सीधे सरकार के पास भेजना होगा।
एनएचएम को भी निर्देश: इसके साथ ही, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) हरियाणा के मिशन निदेशक को आदेश दिया गया है कि वे इस पूरे मामले से जुड़े सभी जरूरी कागजात और फाइलें पंचकूला स्थित स्वास्थ्य सेवाएं निदेशालय को जल्द से जल्द सौंपें, ताकि कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई में एक दिन की भी देरी न हो सके। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे में खलबली मची हुई है।

