पटौदी नागरिक अस्पताल में मोर्चरी का उद्घाटन या जनता से मज़ाक? 4 महीने बाद भी ताला बंद, कांग्रेस नेत्री पर्ल चौधरी ने घेरा; विधायक विमला बोलीं- स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के संज्ञान में मामला
पटौदी मोर्चरी 25 मार्च 26 को पटौदी विधायक विमला चौधरी के द्वारा किया गया उद्घाटन
विभिन्न स्वास्थ्य उपकरण व संसाधन पर मोर्चरी की प्राथमिकता बनी सवाल
क्या सभी संबंधित औपचारिकताएं उद्घाटन से पहले पूरी नहीं की गई
पटौदी /16 जुलाई 2026 /अटल हिन्द ब्यूरो /फतह सिंह उजाला
हरियाणा सरकार , स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य मंत्री के माध्यम से हरियाणा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सहित तमाम सुविधाएं उपलब्ध करवाने के दावे नित्य प्रति खबरों की सुर्खियां बनते रहते हैं।
दक्षिणी हरियाणा या फिर अहीरवाल क्षेत्र के पटौदी विधानसभा हलके से चुनाव जीत कर पहले मुख्यमंत्री बनने वाले स्वर्गीय राव वीरेंद्र सिंह और उनके पुत्र केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के मजबूत राजनीतिक गढ़ पटौदी में नागरिक अस्पताल पटौदी यहां मोर्चरी का उद्घाटन के बाद पेचीदा और गंभीर सवालों का केंद्र बन गया है ? लाख टके का सवाल यह है कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी और कारण रहे, जो आनन- फानन में इसका उद्घाटन किया या फिर करवा दिया गया ?

25 मार्च 2026 को केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की सबसे अधिक विश्वसनीय और नजदीकी भाजपा की विधायक विमला चौधरी के द्वारा पटौदी सामान्य नागरिक अस्पताल में मोर्चरी का उद्घाटन किया गया। उस वक्त स्थानीय एसएमओ के द्वारा दावा किया गया था कि मार्च के महीने में यह मोर्चरी पूरी तरह से काम करना आरंभ कर देगी।
4 महीने से अधिक का लंबा समय बीत जाने के बाद भी लाखों रुपए से तैयार की गई मोर्चरी आज केवल मात्र एक सुंदर आकर्षक भवन बनकर रह गया है । कथित रूप से यहां पर मृतक या फिर मुर्दा का पोस्टमार्टम किया जाने के लिए आवश्यक संसाधन उपकरण का अभाव बताया जाता है। वास्तविकता यह है कि इस मोर्चरी का उद्घाटन किया जाने के बाद भी विभिन्न कारण से मृतक का पोस्टमार्टम करवाने के लिए गुरुग्राम मोर्चरी में ही भेजना मजबूरी बना हुआ है।
प्राथमिकता मोर्चरी या फिर अन्य जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं
पटौदी सामान्य नागरिक अस्पताल में जल्दबाजी में मोर्चरी का उद्घाटन ऐसे लगने लगा है, जैसे ( मुर्दों – डेड बॉडी ) और उनके परिजनों या फिर निकट संबंधियों के साथ मजाक किया गया ?
इसी कड़ी में अब सवाल यह भी उठने लगे हैं कि पर्याप्त और समुचित स्वास्थ्य उपकरण उपलब्ध नहीं होने को देखते हुए पटौदी सामान्य नागरिक अस्पताल में प्राथमिकता मोर्चरी होनी चाहिए ?
या फिर आम जनता के स्वास्थ्य संबंधित संसाधनों की उपलब्धता होनी चाहिए । पटौदी सामान्य नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड का अभाव है । गर्भवती महिलाओं का प्रसव समय तक संबंधित डॉक्टर के द्वारा दो या तीन बार अल्ट्रासाउंड करवाया जाता है। इसके अलावा जरूरत तो यहां पर आईसीयू वेंटीलेटर की भी है।
बताया गया है पिछले कई महीनो से पटौदी सामान्य नागरिक अस्पताल में किसी भी प्रकार के ऑपरेशन भी नहीं किये जा पा रहे हैं। विभिन्न बीमारियों के डॉक्टर का अभाव भी अस्पताल में बना हुआ है । इन हालात में यहां आने वाले क्षेत्र की जरूरतमंद और गरीब रोगियों को मजबूरी में सरकारी अस्पताल के बाहर नजदीक में ही मौजूद विभिन्न प्राइवेट अस्पतालों में महंगा इलाज करवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
पर्ल चौधरी बोली मानवीय संवेदनाओं के साथ खिलवाड़

पटौदी सामान्य नागरिक अस्पताल में मोर्चरी सहित यहां पर दिन प्रतिदिन घटती स्वास्थ्य सुविधाओं और संसाधनों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पटौदी से चुनाव लड़ने वाली हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की पर्ल चौधरी ने कहा है कि मानवीय संवेदनाओं के साथ भद्दा मजाक करते हुए खिलवाड़ किया जा रहा है।
उन्होंने कहा इस बात की जांच होनी चाहिए की मोर्चरी का उद्घाटन किया जाने से पहले इसकी तब सभी प्रकार की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी क्यों नहीं की गई या करवाई गई ?
कांग्रेस नेत्री सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट श्रीमती चौधरी ने कहा इस प्रकार जन भावना का खिलवाड़ किया जाने या करवाया जाने की कथित जिम्मेदारी से हरियाणा सरकार के मुखिया, स्वास्थ्य विभाग के निदेशक, हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री, जनता के चुने हुए सांसद और विधायक सहित संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही से इनकार नहीं कर सकते। भाजपा सरकार में नारियल फोड़ना, उद्घाटन और शिलान्यास की एक प्रकार से होड़ मची हुई है।
विधायक विमला बोली एच एम आरती राव के संज्ञान में मामला

पटौदी सामान्य नागरिक अस्पताल में मोर्चरी का उद्घाटन और और आरंभ नहीं होने का कारण पूछा जाने पर पटौदी से भाजपा की विधायक विमला चौधरी (रवि चौधरी) ने बताया कुछ तकनीकी औपचारिकताएं पूरा किया जाना अभी बाकी है।
इन औपचारिकताओं को पूरा किया अथवा करवाया जाने के लिए फाइल चंडीगढ़ संबंधित विभाग के पास पहुंची हुई है । इसके साथ उन्होंने एक और बहुत बड़ी तथा महत्वपूर्ण दावा किया की मोर्चरी संबंधित संबंधित मामले के विषय में हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव को भी अवगत करवाया गया है ।
इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग के ही एक स्थानीय अधिकारी के द्वारा बताया गया था कि स्थानीय स्तर पर मोर्चरी के आरंभ किया जाने की परमिशन मिल गई थी। लेकिन औपचारिकताओं और परमिशन का पूरा मामला चंडीगढ़ में ही अटका हुआ है।
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