सोनीपत में भीषण सड़क हादसा: सड़क किनारे खड़े कूड़ा ट्राले से टकराई बाइक, दो दोस्तों की दर्दनाक मौत
सोनीपत/अटल हिन्द ब्यूरो /13 जुलाई 2026 /रणबीर रोहिला
सोनीपत-कुराड़ बाइपास पर सोमवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो हंसते-खेलते परिवारों को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया। गन्नौर उप मंडल कार्यालय जा रहे बाइक सवार दो दोस्तों की दर्दनाक मौत हो गई। उनकी बाइक सड़क किनारे बिना किसी इंडिकेटर (संकेतक) के खड़े, कूड़े से भरे एक ट्राले से टकरा गई थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने ट्राला चालक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ड्राइविंग लाइसेंस लेने जा रहे थे दोनों दोस्त
मृतकों की पहचान सुनील (31 वर्ष), निवासी शास्त्री नगर (गन्नौर) और दीपक (33 वर्ष), निवासी आरके कॉलोनी (मुरथल) के रूप में हुई है। दोनों दोस्त बड़ी औद्योगिक क्षेत्र की एक फैक्टरी में नौकरी करते थे।
सोमवार सुबह करीब 11 बजे, दोनों बाइक पर सवार होकर गन्नौर उप मंडल कार्यालय जा रहे थे, जहां सुनील को अपना ड्राइविंग लाइसेंस लेना था। जैसे ही वे कुराड़ बाइपास पर पहुंचे, उनकी बाइक सड़क किनारे खड़े कूड़े के ट्राले से अनियंत्रित होकर टकरा गई। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
परिजनों का आरोप: लापरवाही से खड़ा किया गया था ट्राला
हादसे की सूचना मिलते ही मुरथल थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर अस्पताल भिजवाया। मृतकों के परिजनों का आरोप है कि सड़क किनारे खड़े ट्राले पर कोई सुरक्षा संकेतक (रिफ्लेक्टर या इंडिकेटर) नहीं था, जिसके कारण यह भयानक हादसा हुआ। पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर फरार ट्राला चालक के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी खड़ी करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
असमय उजड़ गए दो परिवार, मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
इस हादसे ने दोनों परिवारों के एकमात्र कमाने वाले सदस्यों को छीन लिया है, जिससे उनके सामने गहरा आर्थिक और मानसिक संकट खड़ा हो गया है।
तीन मासूमों के पिता थे सुनील:
मूल रूप से शास्त्री नगर के देवडू रोड पर किराए के मकान में रहने वाले सुनील मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालते थे। उनके माता-पिता का पहले ही देहांत हो चुका है। अब उनके पीछे पत्नी, दो बेटियां (8 वर्ष और 7 वर्ष) और एक 3 वर्षीय मासूम बेटा रह गया है।
दीपक के घर में भी पसरा सन्नाटा:
मुरथल की आरके कॉलोनी के रहने वाले दीपक भी शादीशुदा थे और उनके भी तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। हादसे के वक्त बाइक दीपक ही चला रहे थे। उनकी मौत की खबर सुनते ही पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

