सिरसा में पकड़ी गई तीन लाख नशीली गोली मामले में सिरसा पुलिस की टीम ने बठिंडा में तीन जगह दी दबिश
रेड वाली तीनों जगह पर नहीं मिला कोई आरोपी
बठिंडा/ 12 जुलाई 2026 /परबिदर जीत सिंह
बीते दिनों हरियाणा की सिरसा पुलिस द्वारा पकड़ी गई तीन लाख नशीली गोली क़े मामले में हरियाणा पुलिस की टीम दो गाड़ियों में शनिवार को बठिंडा पहुंची. उक्त पुलिस टीम ने शहर क़े निरवाना स्टेट, गणपति एन्क्लेव क़े अलावा इंडस्ट्रियल एरिया में इश्मन बायो टेक कंपनी की फैक्ट्री में रेड की. लेकिन वहां पर पुलिस टीम को कोई आरोपी नहीं मिला. जिसके चलते पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा.
बताते चले सिरसा की एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम गश्त के दौरान जगदेव सिंह चौक पर मौजूद थी। इसी दौरान सांगवान चौकी की ओर से पार्सलों से भरी एक पिकअप गाड़ी आती दिखाई दी।
पुलिस ने गाड़ी को रोककर चालक से पूछताछ की। चालक ने अपनी पहचान राजपाल पुत्र हंसराज निवासी सिरसा के रूप में बताई, जबकि उसके साथ भरत कुमार उर्फ माईकल निवासी पंडितों की ढाणी, प्रेम नगर सिरसा मिला। पूछताछ में भरत कुमार ने बताया कि बठिंडा की लॉटरी मार्केट में उसकी माईकल पार्सल सर्विस के नाम से दुकान है।
वहां ग्राहक पार्सल जमा कराते हैं, जिन्हें वह पिकअप के माध्यम से सिरसा की एमसी मार्केट स्थित दुकान तक पहुंचाता है। इसके बाद रिक्शों के जरिए पार्सल संबंधित लोगों तक भेजे जाते हैं। पुलिस को पार्सलों पर संदेह होने पर औषधि नियंत्रक विभाग के इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मौके पर बुलाया गया।
जांच के दौरान 10 बॉक्स खोले गए, जिनमें से 3 लाख 6 हजार टैपेंटाडोल की नशीली गोलियां बरामद हुईं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत करीब 75 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने गाड़ी चालक से दवाइयों के लाइसेंस और अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे, लेकिन वे कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद दोनों युवकों को बरामद दवाइयों सहित आगामी कार्रवाई के लिए ड्रग इंस्पेक्टर के हवाले कर दिया गया।
जांच में एशमुन बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के बिलों और दवाइयों की पैकिंग में भी कई अनियमितताएं सामने आईं। शुरुआती जांच में कंपनी के बिल फर्जी पाए गए, जिसके आधार पर थाना शहर सिरसा में धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
सूत्रों ने बताया कि जांच में सामने आया कि एशमुन बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड का रजिस्टर्ड पता चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में है, लेकिन स्थानीय लोगों से पूछताछ में पता चला कि कंपनी करीब तीन महीने पहले ही वहां से कार्यालय खाली कर चुकी है। पुलिस कंपनी की भूमिका को भी संदेह के दायरे में रखकर हर पहलू की गहन जांच कर रही है,मामले का खुलासा करने के लिए सिरसा पुलिस ने शनिवार को उक्त कंपनी की फैक्ट्री समेत गणपत्ति एन्क्लेव और निरवाना स्टेट में छापामारी की लेकिन पुलिस क़े हाथ कुछ नहीं लगा।
सिरसा से आई पुलिस टीम की अगुवाई इंस्पेक्टर कुलदीप कर रहे थे और उनके साथ अन्य पुलिस कर्मी मौजूद थे.

