ईमानदारी जैसे संस्कार ही बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं : पुलिस अधीक्षक श्रीमती निकिता खट्टर, आईपीएस
– भूना के 7 वर्षीय सिद्धार्थ जाखल को अनुकरणीय ईमानदारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने किया सम्मानित
– पौधा एवं प्रशंसा-पत्र भेंट कर बढ़ाया हौसला, कहा— ऐसे बच्चे समाज और देश का उज्ज्वल भविष्य हैं
– नन्हे सिद्धार्थ ने कहा— “बड़ा होकर पुलिस अधिकारी बनूंगा और आपकी तरह समाज से नशे को जड़ से खत्म करने का प्रयास करूंगा”
फतेहाबाद/10 जुलाई/ अटल हिन्द ब्यूरो
पुलिस अधीक्षक श्रीमती निकिता खट्टर, आईपीएस समाज में ईमानदारी, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लगातार प्रेरणादायी पहल कर रही हैं। इसी कड़ी में उन्होंने अपने कार्यालय में भूना निवासी 7 वर्षीय सिद्धार्थ जाखल को उसकी अनुकरणीय ईमानदारी के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर सिद्धार्थ के पिता विकास कुमार तथा समाजसेवी मुकेश कुमार भी उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि *07 जुलाई 2026* को भूना की गणेश कॉलोनी स्थित *शहीद सुखदेव सिंह पार्क* में खेलते समय सिद्धार्थ को लगभग *40 हजार रुपये मूल्य का सोने का झुमका* मिला। नन्हे सिद्धार्थ ने बिना किसी लालच के झुमका अपने परिवार को सौंप दिया। इसके बाद परिवार ने भी ईमानदारी का परिचय देते हुए झुमका उसके वास्तविक मालिक तक सुरक्षित पहुंचाकर समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
सिद्धार्थ की इस सराहनीय ईमानदारी से प्रभावित होकर पुलिस अधीक्षक *श्रीमती निकिता खट्टर, आईपीएस* ने उसे अपने कार्यालय में आमंत्रित किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित क्रांति का संदेश देते हुए सिद्धार्थ को एक पौधा एवं प्रशंसा-पत्र भेंट कर सम्मानित किया तथा उसके उत्कृष्ट संस्कारों और ईमानदारी की मुक्तकंठ से सराहना की।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्रीमती निकिता खट्टर, आईपीएस ने कहा, *”बच्चों में बचपन से ही ईमानदारी, सत्यनिष्ठा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे संस्कार विकसित करना परिवार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। ऐसे बच्चे ही आगे चलकर देश के जिम्मेदार, संवेदनशील और आदर्श नागरिक बनते हैं। यदि प्रत्येक बच्चा सिद्धार्थ की तरह सही मूल्यों को अपनाए तो समाज में विश्वास, नैतिकता और पारदर्शिता स्वतः मजबूत होगी।”*
उन्होंने कहा कि *फतेहाबाद पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच, अच्छे संस्कार और नैतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करने के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। ऐसे बच्चों को सम्मानित करना अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है तथा समाज में ईमानदारी, जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश देता है।*
सम्मान समारोह के दौरान पुलिस अधीक्षक ने सिद्धार्थ से आत्मीय संवाद भी किया। इस दौरान नन्हे सिद्धार्थ ने उत्साहपूर्वक कहा, *”मेरा सपना बड़ा होकर पुलिस अधिकारी बनने का है और मैं आपकी तरह समाज से नशे की बुराई को जड़ से समाप्त करने का प्रयास करूंगा।”* नन्हे सिद्धार्थ की यह सकारात्मक सोच सुनकर पुलिस अधीक्षक ने उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि *सच्ची मेहनत, ईमानदारी, अनुशासन और अच्छे संस्कार ही जीवन में सफलता की सबसे मजबूत नींव होते हैं।*

