झज्जर में दिल दहला देने वाली वारदात: पिता ने दो मासूम बच्चों को मौत के घाट उतारकर की खुदकुशी, बंद कमरे में मिले शव
झज्जर (बहादुरगढ़) /14 जुलाई 2026 /अटल हिन्द ब्यूरो /
हरियाणा के झज्जर जिले से एक बेहद दर्दनाक और रूह कँपा देने वाली खबर सामने आई है। बहादुरगढ़ की ओमैक्स सिटी स्थित बीपीएल फ्लैट्स में मंगलवार सुबह एक ही परिवार के तीन सदस्यों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि एक बेबस पिता ने पहले अपने दो मासूम बच्चों की बेरहमी से हत्या की और फिर खुद फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। इस खौफनाक वारदात के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।
मायके गई थी पत्नी, फ्लैट में अकेले थे बच्चे और पिता
मृतक की शिनाख्त सुनील के रूप में हुई है, जो मूल रूप से महेंद्रगढ़ के खुडान गांव का निवासी था। वर्तमान में उसका परिवार बहादुरगढ़ के लाइनपार स्थित हरि नगर में रह रहा था। सुनील ओमैक्स सिटी के फ्लैट नंबर 309 में किराए पर रहता था और ड्राइविंग के साथ-साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था।
जानकारी के अनुसार, सुनील की पत्नी पिछले कुछ समय से अपने मायके गई हुई थी। सोमवार को सुनील अपने भाइयों के घर गया था और वहां से यह कहकर लौटा था कि उसकी पत्नी वापस आने वाली है। लेकिन किसी को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि बंद दरवाजे के पीछे मौत का ऐसा खौफनाक तांडव होने वाला है।
पड़ोसियों को हुआ शक, दरवाजा तोड़ा तो उड़ गए होश
मंगलवार की सुबह जब काफी देर तक फ्लैट में कोई हलचल नहीं हुई और दरवाजा अंदर से बंद रहा, तो पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई। तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने जब फ्लैट का दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का मंजर देखकर पुलिसकर्मियों के भी होश उड़ गए।
कमरे में दो मासूम बच्चों के शव बेजान पड़े थे।
पास ही पिता सुनील का शव भी संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ।
जांच में जुटी फोरेंसिक टीम, वजह तलाश रही पुलिस
घटना की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को मौके पर बुलाया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं।
पुलिस का बयान:
“शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल परिजनों और पड़ोसियों से गहन पूछताछ की जा रही है। घरेलू कलह या किसी अन्य मानसिक तनाव के कोण से भी मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।”
आखिर एक पिता अपनी ही औलाद का हत्यारा कैसे बन गया और उसने इतना आत्मघाती कदम क्यों उठाया? इस अनुत्तरित सवाल ने पूरे बहादुरगढ़ क्षेत्र को गहरे सदमे और सन्नाटे में धकेल दिया है।

