जींद में चाय बनाते समय फटा गैस सिलेंडर, युवती की मौत, घर की छत ध्वस्त, सामान भी जलकर खाक
जींद /सफीदों /अटल हिन्द डेस्क/ 17 जुलाई 2026
हरियाणा के जींद जिले के सफीदों खंड के अंतर्गत आने वाले गांव रजाना कलां से एक बेहद कलेजा कपा देने वाली खबर सामने आई है। शुक्रवार अलसुबह यहां एक घर में चाय बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर में आग लग गई और देखते ही देखते जोरदार धमाके के साथ सिलेंडर फट गया। धमाका इतना भयानक था कि तीन मंजिला मकान पल भर में ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इस दर्दनाक हादसे की चपेट में आने से घर में मौजूद 25 वर्षीय युवती मनीषा की झुलसने और तड़पने के कारण मौत हो गई। पूरा आशियाना मलबे और राख के ढेर में तब्दील हो चुका है, जहां से दोपहर बाद तक धुएं का गुबार उठता रहा।
सुबह सैर पर गई थी मां, घर में अकेली थी मनीषा
ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक हादसा सुबह करीब 5:30 बजे हुआ। मनीषा के पिता जगमेंद्र पानीपत रिफाइनरी में काम करते हैं और हादसे के वक्त ड्यूटी पर थे। मनीषा की मां राजबाला, जिनका कुछ समय पहले घुटनों का ऑपरेशन हुआ था, सुबह की सैर के लिए घर से थोड़ी दूर निकली थीं। घर में मनीषा अकेली थी। वह सोकर उठी और रसोई में जाकर चाय बनाने लगी, तभी अचानक गैस सिलेंडर ने आग पकड़ ली।
पड़ोसियों ने दिखाई हिम्मत: अचानक घर से धुआं और आग की लपटें उठती देख पड़ोस के लोग और गांव के युवा तुरंत मदद के लिए दौड़े।
बढ़ता गया आग का तांडव: लोगों ने जान पर खेलकर घर में रखे एक दूसरे सिलेंडर को तो जैसे-तैसे बाहर निकाल लिया, लेकिन जिस सिलेंडर में आग लगी थी, वह बेकाबू हो चुका था।
जोरदार धमाके से दहला गांव: देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और सिलेंडर के फटते ही पूरी इमारत जमींदोज हो गई। धमाका इतना जबरदस्त था कि घर के स्लाइडर गेट के शीशे टूटकर सैकड़ों मीटर दूर जा गिरे।
अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम
आग की लपटों के बीच से पड़ोसियों ने मनीषा को बेहद नाजुक और झुलसी हुई हालत में बाहर निकाला। उसे तुरंत सफीदों के नागरिक अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए तुरंत पानीपत रेफर किया। जब पानीपत से भी उसे रोहतक पीजीआई (PGI) के लिए रेफर किया जा रहा था, तब मनीषा ने रास्ते में ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए खानपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। मनीषा के चचेरे भाई परमजीत ने रुआंसे गले से बताया कि उसने अभी कुछ समय पहले ही अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की थी।
आंखों के सामने उजड़ गई दुनिया: जब मां सैर से वापस लौटी, तो घर की जगह मलबे का ढेर और अपनी जवान बेटी को आग की लपटों में घिरा देख वह चीख पड़ी। पिता घर में बेटी की शादी की तैयारियों में जुटे थे, लेकिन इस एक हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया।
दमकल विभाग पर देरी का आरोप, कर्मचारी ने दी सफाई
पीड़ित परिवार और ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना देने के बाद भी दमकल विभाग की गाड़ी काफी देरी से पहुंची। अगर गाड़ी वक्त पर आ जाती तो शायद मनीषा की जान बच सकती थी और सामान खाक होने से रह जाता। आग के कारण घर में रखे फ्रिज, कूलर, बेड, एलईडी, अलमारी, जेवरात, कपड़े और पूरी गृहस्थी जलकर खाक हो गई है।
दूसरी ओर, दमकल विभाग के कर्मचारी तेजवीर ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि जैसे ही उन्हें कंट्रोल रूम से सूचना मिली, वे तुरंत सफीदों से रवाना हो गए थे। उनकी गाड़ी किसी वीआईपी या प्रधानमंत्री की रैली की ड्यूटी में नहीं थी। मौके पर पहुंचकर उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया ताकि आसपास के दूसरे मकान इसकी चपेट में न आएं। फिलहाल गांव के सरपंच और गणमान्य लोगों ने सरकार और प्रशासन से इस बेघर हुए पीड़ित परिवार के लिए तुरंत रहने की व्यवस्था और आर्थिक मुआवजे की मांग की है।

