मां के ब्रेन ट्यूमर की जंग और बेटी की जिद: पहले ही प्रयास में नीट क्लियर कर अवंतिका बनेगी न्यूरोसर्जन
नरवाना 17 जुलाई 2026 /अटल हिन्द डेस्क /नरेंद्र जेठी
कहते हैं कि हौसले अगर मजबूत हों, तो रास्ते की बड़ी से बड़ी चट्टान भी रास्ता नहीं रोक सकती। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है नरवाना के मॉडल टाऊन की रहने वाली अवंतिका मोर ने। स्वास्थ्य विभाग (पीएचसी धमतान साहिब) में बतौर सुपरवाइजर तैनात कृष्ण मोर की बेटी अवंतिका ने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक ‘नीट यूजी’ (NEET-UG) में ऑल इंडिया 3618वीं रैंक हासिल कर पूरे इलाके का नाम रोशन किया है।
अवंतिका की यह सफलता इसलिए खास नहीं है कि उन्होंने यह मुकाम पहले ही प्रयास में हासिल किया, बल्कि इसलिए मिसाल है क्योंकि उन्होंने यह जंग बेहद मुश्किल हालातों के बीच जीती है। तैयारी के दौरान ही अवंतिका की मां राजबाला को ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी का पता चला। दिल्ली के अस्पताल में मां की मेजर सर्जरी हुई। घर में छाई इस मानसिक और भावनात्मक सुगबुगाहट के बीच भी अवंतिका ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपनी पढ़ाई की निरंतरता को टूटने नहीं दिया।
इसी साल एसडी पब्लिक स्कूल नरवाना से 12वीं कक्षा में दूसरा स्थान हासिल करने वाली अवंतिका ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, स्कूल स्टाफ और पूरे परिवार के अटूट सहयोग को दिया है। अवंतिका ने बताया कि दो साल तक उन्होंने हर दिन पूरी ईमानदारी से मेहनत की। मां की बीमारी को उन्होंने अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत बनाया और अब उनका अगला लक्ष्य एक बेहतरीन न्यूरोसर्जन बनकर देश की सेवा करना और मरीजों को नया जीवन देना है।

