सोशल मीडिया पर बढ़ती अशालीनता चिंता का विषय,
विदेश से धर्मेंद्र हुड्डा द्वारा चलाई गई मुहिम का सर्वजातीय बिनैन खाप ने किया समर्थन
नरवाना/19 जुलाई 2026 /नरेन्द्र जेठी
सर्वजातीय बिनैन खाप के प्रधान रघुवीर नैन तथा खाप के प्रवक्ता संदीप दनौदा ने संयुक्त रूप से कहा कि सोशल मीडिया आज समाज को जोडऩे का एक प्रभावी माध्यम है, लेकिन इसके कुछ प्लेटफॉर्मों पर अशालीन भाषा, अभद्र गाने, अशोभनीय नृत्य तथा केवल लोकप्रियता हासिल करने के उद्देश्य से बनाई जा रही आपत्तिजनक सामग्री समाज और विशेषकर बच्चों व युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विदेश में रह रहे धर्मेंद्र हुड्डा द्वारा सोशल मीडिया पर बढ़ती अशालीनता के खिलाफ जो जन-जागरूकता मुहिम चलाई जा रही है, उसका सर्वजातीय बिनैन खाप पूर्ण समर्थन करती है। यह अभियान किसी व्यक्ति विशेष के विरोध का नहीं, बल्कि समाज में मर्यादा, संस्कार और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का प्रयास है।
रघुवीर नैन ने कहा कि प्रसिद्धि और फॉलोअर्स की होड़ में कुछ लोग ऐसे वीडियो और सामग्री साझा कर रहे हैं जो भारतीय संस्कृति, सामाजिक मूल्यों और पारिवारिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं हैं।
सोशल मीडिया का उद्देश्य शिक्षा, ज्ञान, रोजगार, समाज सेवा और सकारात्मक विचारों का प्रसार होना चाहिए, न कि ऐसी सामग्री को बढ़ावा देना जिससे समाज में गलत संदेश जाए। उन्होंने कहा कि सर्वजातीय बिनैन खाप किसी महिला, पुरुष या किसी वर्ग विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि अश्लीलता, अभद्र भाषा और समाज में गलत प्रभाव डालने वाली सामग्री के खिलाफ अपनी आवाज उठा रही है।
युवाओं को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन सकारात्मक, रचनात्मक और प्रेरणादायक तरीके से करना चाहिए। खाप प्रवक्ता संदीप दनौदा ने कहा कि अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के जिम्मेदार नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि वे नई पीढ़ी को सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने के लिए प्रेरित करें।
साथ ही कंटेंट क्रिएटर्स भी ऐसा कंटेंट तैयार करें जो समाज, संस्कृति और देश का सम्मान बढ़ाए। अंत में सर्वजातीय बिनैन खाप ने सभी सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की कि वे अश्लील, अभद्र और भडक़ाऊ सामग्री का समर्थन न करें तथा भारतीय संस्कृति, सामाजिक मर्यादा, महिलाओं के सम्मान और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं। खाप ने कहा कि समाजहित में चलाई जा रही ऐसी सकारात्मक मुहिमों को सभी वर्गों का सहयोग मिलना चाहिए।

