कलायत में 40 लाख रुपये की गली निर्माण की जांच, सीएम फ्लाइंग ने लिए निर्माण सामग्री के सैंपल
कलायत /24 जुलाई 2026/न्यूज रिसोर्स/अटल हिन्द ब्यूरो
नगर पालिका क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर मिली शिकायतों के बाद शुक्रवार को सीएम फ्लाइंग की टीम ने कलायत पहुंचकर निर्माण कार्यों की जांच की। टीम ने पहले नगर पालिका कार्यालय के संबंधित अभिलेखों का निरीक्षण किया और इसके बाद नेशनल हाईवे स्थित रामगढ़ मोड़ से खरक वाला दरवाजा तक लगभग 40 लाख रुपये की लागत से बनाई गई मुख्य गली का मौके पर जाकर निरीक्षण किया।
जानकारी के अनुसार इस मामले में वार्ड-6 के पार्षद प्रदीप राणा ने मुख्यमंत्री सहित विभिन्न स्तरों पर शिकायत दर्ज कराते हुए निर्माण कार्यों में अनियमितता और गुणवत्ता में कमी के आरोप लगाए थे। शिकायतों के आधार पर पहले ही एसडीएम अजय हुड्डा की ओर से जांच समिति गठित की जा चुकी है। इसी क्रम में सीएम फ्लाइंग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता का आकलन किया।
जांच के दौरान सीएम फ्लाइंग टीम में एसडीओ राजेश कुमार, सब इंस्पेक्टर राजवीर सिंह, एएसआई रविंद्र कुमार, विक्रम सिंह और बलबीर सिंह सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं नगर पालिका की ओर से अभियंता राजेश प्रजापति तथा कनिष्ठ अभियंता अब्दुल वहाब खान भी मौके पर उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण में इस्तेमाल किए गए इंटरलॉकिंग ब्लॉक तथा अन्य सामग्री के चार-चार नमूने एकत्र किए। इन नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रयोगशाला भेजा जाएगा, जहां गुणवत्ता की तकनीकी जांच की जाएगी।
जांच की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और कई पार्षद भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि शहर में विभिन्न स्थानों पर चल रहे गली निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। उनका कहना था कि रामगढ़ मोड़ से खरक वाला दरवाजा तक बनी गली में निम्न स्तर की सामग्री का उपयोग किया गया है तथा निर्माण से पहले आवश्यक बेस तैयार करने और लेवलिंग जैसे तकनीकी मानकों का भी पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया।
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि इस मार्ग का एक हिस्सा इंटरलॉकिंग ब्लॉक से बनाया गया है, जबकि दूसरा हिस्सा कंक्रीट का है। उनका दावा है कि कंक्रीट वाला भाग निर्माण के कुछ समय बाद ही कई स्थानों पर टूटने और उखड़ने लगा है।
वार्ड-6 के पार्षद प्रदीप राणा ने आरोप लगाया कि नगर पालिका अधिकारियों ने जांच के दौरान पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। उनका कहना था कि जिस टेंडर के अंतर्गत ब्लॉक और कंक्रीट दोनों प्रकार का निर्माण किया गया है, उसकी समग्र जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि इंटरलॉकिंग ब्लॉक की तरह कंक्रीट निर्माण के भी नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जाए।
पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि एसडीएम द्वारा गठित जांच समिति के काम शुरू होने से पहले ही नगर पालिका अधिकारियों ने निर्माण कार्य को अधूरा बताकर जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया। हालांकि इन आरोपों पर नगर पालिका की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
सीएम फ्लाइंग के एसडीओ राजेश कुमार ने बताया कि टीम ने प्राप्त शिकायतों के आधार पर कार्रवाई करते हुए निर्माण सामग्री के चार-चार नमूने लिए हैं। सभी नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले में आगे की कार्रवाई अब जांच रिपोर्ट आने के बाद तय होगी, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हुआ है या नहीं।

