सीबीआई की ओर से जारी जानकारी के अनुसार हरियाणा सरकार से जुड़े मामले में ₹504 करोड़ तथा चंडीगढ़ केंद्रशासित प्रदेश से जुड़े मामले में ₹153 करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
चंडीगढ़ /12 जून 2026 /अटल हिन्द ब्यूरो
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के माध्यम से सरकारी धन के कथित दुरुपयोग मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच में बड़ी प्रगति की है। सीबीआई ने शुक्रवार को दो अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की हैं, जिनमें कुल ₹657 करोड़ के वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ है।
मामलों का ब्यौरा
सीबीआई के अनुसार, हरियाणा सरकार के विभागों से जुड़े मामले में ₹504 करोड़ और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) से जुड़े मामले में ₹153 करोड़ के गबन का अनुमान है।
हरियाणा केस (दूसरी चार्जशीट): पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत में दाखिल इस चार्जशीट में दो निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। एजेंसी के अनुसार, ये आरोपी गबन की गई राशि के लाभार्थी थे। इससे पहले इस मामले में 15 लोगों (सरकारी कर्मचारी, बैंक अधिकारी और निजी कंपनियां) के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी मामला (पहली चार्जशीट): इसमें पहली बार चार्जशीट दाखिल की गई है। इस मामले में कुल 7 आरोपियों को नामजद किया गया है, जिनमें पांच बैंक अधिकारी, सीएससीएल का एक अधिकारी और एक निजी व्यक्ति शामिल हैं।
क्या है मामला और जांच का आधार?
यह मामला पहले राज्य विजिलेंस और चंडीगढ़ की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा देखा जा रहा था, लेकिन वित्तीय हेराफेरी की गंभीरता को देखते हुए बाद में इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई। जांच एजेंसी ने बैंक ट्रेल, वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेजी सबूतों के आधार पर इन आरोपियों को चिन्हित किया है।
कानूनी धाराएं
आरोपियों पर आपराधिक साजिश रचने, विश्वासघात, जालसाजी, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं।
जांच अभी जारी
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि यह केवल शुरुआत है। जांच का दायरा अभी और बढ़ सकता है। साक्ष्यों और नई कड़ियों के आधार पर भविष्य में और भी पूरक चार्जशीट दाखिल की जा सकती हैं।


