स्टेट विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, पहले 5 हजार एडवांस लेने के बाद शेष रकम लेते समय दबोचा गया आरोपी
गुरुग्राम /पटौदी /07 जुलाई 2026 / अटल हिन्द /फतह सिंह उजाला
पटौदी सरकारी विभागों में आम नागरिकों को अपने वैध कार्यों के लिए भी परेशान किए जाने की शिकायतें अक्सर सामने आती रहती हैं। विशेष रूप से राजस्व विभाग पर रिश्वतखोरी और अनावश्यक देरी के आरोप लंबे समय से लगते रहे हैं। इसी कड़ी में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (State Vigilance & Anti-Corruption Bureau) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पटौदी क्षेत्र के एक हल्का पटवारी को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजेश मल्हान के रूप में हुई है। ब्यूरो ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा-7 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2) के तहत गुरुग्राम स्थित ब्यूरो थाने में मामला दर्ज कर लिया है।
45 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप
ब्यूरो को दी गई शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता के एक मित्र अपनी पत्नी के नाम पटौदी क्षेत्र के गांव शेरपुर स्थित भूमि का इंतकाल (Mutation) राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवाना चाहते थे। आरोप है कि संबंधित हल्का पटवारी राजेश मल्हान ने इस कार्य के बदले 45 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।
शिकायतकर्ता के अनुरोध पर आरोपी ने कथित रूप से रिश्वत की राशि घटाकर 20 हजार रुपये कर दी। इनमें से 5 हजार रुपये अग्रिम (एडवांस) के रूप में पहले ही ले लिए गए, जबकि शेष 15 हजार रुपये देने के लिए शिकायतकर्ता को बाद में बुलाया गया।
ट्रैप के दौरान रंगे हाथ गिरफ्तार
शिकायत मिलने के बाद राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया। कार्रवाई के दौरान आरोपी पटवारी को शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपये की शेष रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
ब्यूरो ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
राजस्व विभाग में मचा हड़कंप
पटवारी की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही स्थानीय राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया। विभागीय कर्मचारियों और पटवारियों के सहयोगी पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के लिए एक-दूसरे से संपर्क करते रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस कार्रवाई ने न केवल राजस्व विभाग में कथित रिश्वतखोरी की पोल खोली है, बल्कि विभिन्न कार्यों के लिए कथित रूप से तय होने वाले “रेट” पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
ब्यूरो की आमजन से अपील
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना तुरंत ब्यूरो के टोल-फ्री या हेल्पलाइन नंबर पर दें।
ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है तथा प्रत्येक शिकायत पर निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
(नोट: समाचार में रिश्वत मांगने और लेने संबंधी आरोप राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्रवाई और दर्ज एफआईआर पर आधारित हैं। आरोपी के दोषी या निर्दोष होने का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।)

