मैक्स हॉस्पिटल, गुरुग्राम, में पंप इम्प्लांट की सफल सर्जरी ,सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित 31-वर्षीय मरीज फिर से चलने-फिरने में सक्षम
न्यूरोलॉजिकल स्थिति सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रहे मरीजों के लिए नई उम्मीद,मरीज की गतिशीलता के साथ-साथ जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार आया
गुरुग्राम /08 जुलाई 2026 /अटल हिन्द /फतह सिंह उजाला
जन्म के समय मस्तिष्क को हुए नुकसान के कारण होने वाली गंभीर न्यूरोलॉजिकल स्थिति सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रहे मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण बनते हुए, मैक्स हॉस्पिटल, गुरुग्राम के डॉक्टरों ने 31-वर्षीय एक मरीज को वर्षों से चली आ रही मांसपेशियों की गंभीर अकड़न से राहत दिलाकर उसकी चलने-फिरने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार किया है। डॉक्टरों ने मरीज के शरीर में एक विशेष पंप इम्प्लांट किया, जो लगातार मांसपेशियों को आराम देने वाली दवा पहुंचाता है। इससे मांसपेशियों की अकड़न कम हुई और मरीज की गतिशीलता के साथ-साथ जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार आया।
मॉरीशस निवासी मोहम्मद वज़ीर फॉदार, जन्म से ही सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित थे। लंबे समय तक उन्हें ओरल मेडिकेशन्स से उपचार दिया गया, जिससे शुरुआत में कुछ राहत मिली, लेकिन समय के साथ उनकी स्थिति बिगड़ती गई। मांसपेशियों में लगातार बढ़ती अकड़न के कारण उनके लिए चलना, खाना और स्पष्ट रूप से बोलना भी मुश्किल हो गया था। वह दीवार का सहारा लेकर भी मुश्किल से 6–7 कदम ही चल पाते थे। अपने देश के कई अस्पतालों में उपचार कराने के बावजूद स्थायी राहत न मिलने पर उनका परिवार कॉम्प्लेक्स न्यूरोलॉजिकल और मांसपेशियों से जुड़ी बीमारियों के उपचार में विशेषज्ञता रखने वाले मैक्स हॉस्पिटल, गुरुग्राम पहुंचा।
मैक्स हॉस्पिटल, गुरुग्राम, के न्यूरोसाइंसेज विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर एवं यूनिट हेड – डॉ. हिमांशु चंपानेरी, के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने मरीज की विस्तृत जांच की। जांच में पाया गया कि ओरल मेडिकेशन्स सीमित स्तर तक ही प्रभावी थीं और बेहतर परिणाम के लिए उनकी बहुत अधिक मात्रा देनी पड़ती, जिससे पूरे शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ने का खतरा रहता। इसलिए डॉक्टरों ने एक स्थायी समाधान के रूप में शरीर के अंदर एक विशेष पंप लगाने की सलाह दी, जो दवा को लगातार सीधे स्पाइनल कॉर्ड तक पहुंचाता है। इस तकनीक में दवा की केवल कुछ माइक्रोग्राम मात्रा ही पर्याप्त होती है, जिससे पूरे शरीर पर दवा का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। साथ ही, बाहरी प्रोग्रामर की मदद से आवश्यकता अनुसार दवा की मात्रा को आसानी से नियंत्रित भी किया जा सकता है।
सर्जरी जनरल एनेस्थीसिया के तहत की गई। डॉक्टरों ने स्पाइनल कॉर्ड के पास एक पतली ट्यूब लगाकर उसे पेट की त्वचा के नीचे इम्प्लांट किए गए छोटे पंप से जोड़ा। यह पंप लगातार और सटीक मात्रा में दवा सीधे उस स्थान तक पहुंचाता है, जहां उसकी सबसे अधिक आवश्यकता होती है।
मैक्स हॉस्पिटल, गुरुग्राम, के न्यूरोसाइंसेज विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर एवं यूनिट हेड – डॉ. हिमांशु चंपानेरी, ने कहा, “सेरेब्रल पाल्सी के कारण मांसपेशियों में गंभीर अकड़न से पीड़ित मरीजों के लिए आराम से बैठना, चलना-फिरना और यहां तक कि परिवार के सदस्यों द्वारा उनकी देखभाल करना भी बेहद कठिन हो जाता है। यह पंप हमें बहुत कम मात्रा में दवा देकर सीधे समस्या वाले हिस्से का प्रभावी उपचार करने में सक्षम बनाता है, जिससे दवाइयों के दुष्प्रभाव भी काफी कम हो जाते हैं। इस पंप की बैटरी लगभग 10 वर्ष तक चलती है, जिसके बाद इसे पेसमेकर की तरह बदला जा सकता है। हमारा उद्देश्य मरीजों को अधिक सहजता से चलने-फिरने, आत्मनिर्भर बनने और बेहतर जीवन जीने में मदद करना है।”
सर्जरी सफल रही और मरीज की रिकवरी भी अच्छी रही। ऑपरेशन के दो दिन बाद उन्हें अच्छी स्थिति में हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई। साथ ही, तेजी से रिकवरी और धीरे-धीरे शारीरिक क्षमता बढ़ाने के लिए उनके लिए नियमित रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम भी तैयार किया गया है। डॉ. चंपानेरी, ने आगे कहा, “इस तरह के पंप का उपयोग आज दुनिया भर में सेरेब्रल पाल्सी, स्पाइनल कॉर्ड इंजरी, मल्टीपल स्क्लेरोसिस, स्ट्रोक और मांसपेशियों की गंभीर अकड़न पैदा करने वाली अन्य स्थितियों के मरीजों के उपचार में तेजी से बढ़ रहा है। यह तकनीक मरीजों की दैनिक गतिविधियों को आसान बनाने के साथ-साथ परिवार के सदस्यों के लिए देखभाल को भी सरल बनाती है और मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाती है।” यह सफल उपचार मैक्स हॉस्पिटल, गुरुग्राम की एडवांस्ड चिकित्सा तकनीकों और कॉम्प्लेक्स बीमारियों से पीड़ित मरीजों को बेहतर, अधिक स्वतंत्र और गुणवत्तापूर्ण जीवन प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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