पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ाने पर ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने फूंका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला
तोशाम/16 मई/विष्णु दत्त शास्त्री
पैट्रोल-डीजल के रेट बढाना महंगाई का एक ओर प्रहार और खरीफ फसलों के दामों में बढोतरी ऊट के मुंह में जीरा के समान है उक्त शब्द कहते हुए इसके खिलाफ ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के पदाधिकारियों ने गांव निगाना में विरोध स्वरूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका व विरोध जताया।
विरोध के इस मौके पर संगठन के जिला प्रधान रोहतास सिंह सैनी ने कहा की खरीफ फसलों की एमएसपी में बढ़ोतरी को ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। वहीं उन्होंने पैट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी को जनता पर महंगाई का एक और प्रहार कहा।
जिला सचिव बस्तीराम ने कहा कि सरकार ने खरीफ फसलों के दामों में धान के 72 रु, मक्का के 10 रु व मूंग के 12 रु की बढ़ोतरी को किसानों के साथ भद्दा मजाक कहा। क्योंकि केंद्र सरकार ने किसान आंदोलन के दौरान लिखित में आश्वासन दिया था कि हमारी सरकार सी टू +50 प्रतिशत पर फसल खरीद का कानून बनाएगी जिससे किसानों की 2022 तक आय दोगुनी हो जाएगी।
लेकिन सरकार अब वादे से मुकर गई है। जिससे किसानों को फसलों के पूरे दाम ना मिलने के कारण सड़कों पर आ करके आंदोलन करना पड़ रहा है। आये दिन खाद, बीज, दवाई, औजार व पैट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी से खेती में लागत खर्च बढ़ रहा है इससे किसान के लिए खेती घाटे का सौदा बन चुकी है।
प्राकृतिक आपादाओं से भी हर साल किसानों की पक्की-पकाई फसल बर्बाद हो जाती है। प्राइवेट बीमा कंपनियां मुआवजा देने से हाथ खडे़ कर देती हैं। सरकार कुछ मुआवजा देती है तो वो इतना कम होता है कि जिससे नुकसान की भरपाई नहीं होती और जो सरकार मुआवजा देती है सालों लग जाते हैं। जिससे किसान कर्ज बंधुआ हो जाता है और आत्महत्या तक करने को मजबूर हो जाता है।
संगठन के जिला कमेटी सदस्य महेंद्र सिंह कटारिया ने बताया कि आये दिन सरकारें देशी-विदेशी कम्पनियों के स्वार्थ में किसानों-मजदूरों पर अनाप-शनाप कानून थोंपती रहती हैं। इन सब के कारण किसानों-मजदूरों की परेशानी कम होने की बजाए और ज्यादा बढ़ जाती है। यदि देश का किसान-मजदूर, छात्र-नौजवान जब अपनी जायज़ मांगों को लेकर सड़कों पर उतरता है तो उन पर पुलिस भूखे भेड़िये की तरह टूट पड़ती, यहां तक की महिलाओं तक को भी नहीं बक्सा जाता।
उल्टा उन पर झूठे मुकदमे बना कर जेलों में ठूंसने का काम करती हैं। इन सब बातों से यह सिद्ध होता है कि ये सरकारें पूंजीपतियो के हित में काम करती हैं और आम जनता के खिलाफ जनविरोधी कानून बनाती हैं। हमारा संगठन आल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन सरकार से मांग करता है कि किसानों को लागत खर्च से डेढ़ गुणा फसलों के दाम दिये जाएं।
बढ़ाए गये पैट्रोल-डीजल, रसाई गैस व अन्य चीजों के दामों में बढ़ोतरी को वापिस लिया जाए। कर्ज समाप्त किये जाएं, बिजली की प्रीपेड स्मार्ट स्कीम रद्द की जाए, छात्र-नौजवानों को रोजगार की गारंटी दी जाए, पेपरों में पेपर लीक पर रोक लगाई जाए आदि मांगों को पूरा किया जाए। इस मौके पर सुखबीर सिंह, दीप कुमार, धर्मवीर, राजकुमार बसिया, मनफूल सूबेदार, फतेह सिंह, राजेंद्र सिंह, चान्द राम, दलबीर सिंह, रमेश नंबरदार आदि मौजूद थे।
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