बराड़ा /29 अप्रैल /अटल हिन्द /पुरण सिंह
बराड़ा एसडीएम कार्यालय के ठीक सामने इन दिनों भू-माफिया का दुस्साहस किया जा रहा है। कृषि भूमि पर अवैध निर्माण सरेआम हो रहा है।
बराड़ा का यह क्षेत्र लंबे समय से जल निकासी की समस्या से त्रस्त है। स्वयं एसडीएम कार्यालय और आसपास का परिसर पिछले कई वर्षों से जलभराव की मार झेलता रहा है। विडंबना यह है कि जिस अधिकारी को पूरे क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए अधिकृत किया गया है, उनकी आंखों के सामने ही भू-माफिया हरे-भरे खेतों को कंक्रीट के जंगल में तब्दील कर रहे हैं। क्या यह प्रशासनिक तंत्र की आँखों पर बंधी पट्टी है या फिर रसूखदारों के प्रति बरती जा रही ‘मौन सहमति’?
उपायुक्त की क्लास का असर शून्य:
अभी हाल ही में अंबाला के उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने जिला अधिकारियों की बैठक में सख्त लहजे में हिदायत दी थी कि जिले में अवैध कॉलोनियों का पनपना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपायुक्त की इस क्लास के बाद उम्मीद थी कि बराड़ा में पीला पंजा हरकत में आएगा, लेकिन हकीकत इसके उलट है। सरकारी आदेशों की फाइलों की धूल अभी जमी भी नहीं थी कि एसडीएम कार्यालय के सामने प्लॉटिंग का काम और तेज हो गया। यह स्थिति दर्शाती है कि निचले स्तर पर अधिकारी उच्चाधिकारियों के निर्देशों को कितनी ‘गंभीरता’ से ले रहे हैं।
बॉक्स :
नियमों के मुताबिक, रिहायशी इलाके के लिए गलियों की चौड़ाई, ऊंचाई और नालियों की उचित ढलान का होना अनिवार्य है। लेकिन यहाँ भू-माफिया के मुनाफे की भूख ने इन मानकों को दफन कर दिया है। अनियोजित तरीके से काटी जा रही इन कॉलोनियों में न तो निकासी का प्रबंध है और न ही भविष्य की कोई योजना। ग्रामीणों का आरोप है कि इस दलदली और जलभराव वाले क्षेत्र में निर्माण से न केवल ड्रेनेज सिस्टम ठप होगा, बल्कि जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ेगा। पूर्व में यहाँ फैली बीमारियों के जख्म अभी भरे नहीं हैं, लेकिन प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर जनता को उसी नरक में धकेलने को तैयार दिख रही है।
वर्जन
जो भी क़ानूनी कार्रवाही की प्रक्रिया होगी उसी अनुसार भूमाफ़ियाओ पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी
डीटीपी अधिकारी रोहित चौहान
वर्जन
अवैध प्लाटिंग ग़लत है, जाँच की जा रही है यदि ऐसा है तो डीटीपी विभाग को क़ानूनी प्रक्रिया अमल में लाने के लिए लिखा जायेगा
एसडीएम बराडा सतेंद्र सिवाच
फोटो कैप्शन: बराड़ा एसडीएम कार्यालय के समीप कृषि भूमि पर काटी जा रही अवैध कॉलोनी।
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