रोजगारपरक शिक्षा की दिशा में केयू की ऐतिहासिक पहलः प्रो. सोमनाथ सचदेवा
एईडीपी कार्यक्रमों को विद्यार्थियों का उत्साहजनक रुझान:, 21 जून तक जारी हैं ऑनलाइन आवेदन
कुरुक्षेत्र /11 जून / अटल हिन्द /शशि अरोड़ा
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप रोजगारपरक एवं कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में शुरू किए गए अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम्स (एईडीपी) को विद्यार्थियों का उत्साहजनक रुझान देखने को मिल रहा है।
एईडीपी कार्यक्रमों के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 21 जून 2026 निर्धारित की गई है।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बताया कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है जो उन्हें डिग्री के साथ-साथ रोजगार के लिए भी तैयार करे।
एईडीपी कार्यक्रम शिक्षा और उद्योग जगत के बीच मजबूत कड़ी का कार्य करेंगे तथा विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यस्थल का अनुभव, व्यावसायिक कौशल और आत्मनिर्भरता प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल स्थापित कर रही है।
दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र (सीडीओई) की निदेशिका प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया कि इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को पहले चार सेमेस्टर तक अकादमिक एवं प्रायोगिक शिक्षा दी जाएगी, जबकि अंतिम दो सेमेस्टर उद्योगों, कॉरपोरेट संस्थानों एवं विभिन्न संगठनों में अप्रेंटिसशिप के लिए निर्धारित होंगे।
इस दौरान विद्यार्थियों को प्रतिमाह लगभग 12 हजार रुपये या उससे अधिक का स्टाइपेंड भी प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि एईडीपी कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप दक्ष और प्रशिक्षित पेशेवर बनाना है। प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित ये कार्यक्रम भविष्य की उभरती तकनीकों, उद्योगों की आवश्यकताओं तथा रोजगार बाजार की मांग को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।
पाठ्यक्रमों में डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, पर्यावरण विज्ञान और बिजनेस एनालिटिक्स जैसे आधुनिक विषयों को शामिल किया गया है।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि एईडीपी कार्यक्रमों के प्रति विद्यार्थियों की बढ़ती रुचि स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। अब तक प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों में बीसीए (इंडस्ट्री लिंक्ड) सबसे आगे है, जिसके लिए 882 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
इसके अतिरिक्त बी.कॉम (प्रोफेशनल) के लिए 780, बी.एससी. डेटा साइंस के लिए 503, बी.ए. बिजनेस एंड इकोनॉमिक एनालिटिक्स के लिए 280, बी.एससी. सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के लिए 183, बीएमएस (इवेंट मैनेजमेंट) के लिए 141, बी.वोक. मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी के लिए 137, बी.एससी. रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन के लिए 134, बी.एससी. जियोलॉजी प्रोफेशनल के लिए 71, बी.वोक. इंडस्ट्रियल बायोकेमिस्ट्री के लिए 60 तथा बी.वोक. एनवायरमेंटल साइंस एंड सस्टेनेबिलिटी के लिए 47 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की कि वे 21 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर इन रोजगारपरक और स्टाइपेंड आधारित डिग्री कार्यक्रमों का लाभ उठाएं। एईडीपी कार्यक्रम विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ उद्योगों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान कर उन्हें बेहतर रोजगार अवसरों के लिए तैयार करेंगे तथा उच्च शिक्षा को अधिक उपयोगी और परिणामोन्मुख बनाएंगे।


