हरियाणा के सिवानी उपमंडल को भिवानी जिले से अलग कर हिसार में शामिल करने की मांग एक दशक से जारी है।
सिवानी/13 जून/अटल हिन्द ब्यूरो
सिवानी उपमंडल को जिला भिवानी से अलग कर जिला हिसार में शामिल करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। क्षेत्र के सामाजिक संगठनों और नागरिकों का कहना है कि भौगोलिक, आर्थिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक दृष्टि से सिवानी का जुड़ाव हिसार से अधिक है, इसलिए जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार को इस मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
जानकारी के अनुसार यह आंदोलन वर्ष 2016 से लगातार चल रहा है। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि सिवानी क्षेत्र के कई गांव हिसार से करीब 25 से 30 किलोमीटर की दूरी पर हैं, जबकि जिला मुख्यालय भिवानी पहुंचने के लिए 65 से 70 किलोमीटर या उससे अधिक का सफर तय करना पड़ता है। इससे आम नागरिकों को प्रशासनिक कार्यों के लिए अतिरिक्त समय और धन खर्च करना पड़ता है।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार के लिए अधिकांश नागरिक हिसार पर निर्भर हैं। उच्च शिक्षा संस्थान, बड़े अस्पताल और प्रमुख बाजार हिसार में होने के कारण लोगों का दैनिक आवागमन भी वहीं अधिक रहता है। परिवहन सुविधाओं की दृष्टि से भी हिसार की कनेक्टिविटी बेहतर मानी जाती है।
आंदोलन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि पिछले लगभग दस वर्षों से ज्ञापन, बैठकें और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार तक यह मांग पहुंचाई जा रही है। उनका कहना है कि यह किसी राजनीतिक दल या संगठन का मुद्दा नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता की सुविधा और प्रशासनिक न्याय से जुड़ा विषय है।
आंदोलन को पहचान दिलाने वाला नारा “भिवानी से है इंकार, चाहिए जिला हिसार” आज भी क्षेत्र में व्यापक रूप से सुनाई देता है। समर्थकों का कहना है कि प्रशासनिक सीमाओं का निर्धारण जनता की सुविधा और वास्तविक जरूरतों के आधार पर होना चाहिए।
सामाजिक संगठनों ने राज्य सरकार से मांग की है कि सिवानी क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, जनभावनाओं और प्रशासनिक आवश्यकताओं का अध्ययन कर इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए। उनका मानना है कि यदि सिवानी को हिसार जिले में शामिल किया जाता है तो हजारों लोगों को सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच मिल सकेगी और समय व संसाधनों की बचत होगी।


