वेदांता स्कूल के खिलाडिय़ों का जिला स्तरीय खेलों में शानदार प्रदर्शन
नरवाना/29 जुलाई 2026/नरेन्द्र जेठी
वेदांता इंटरनेशनल स्कूल, कलौदा खुर्द के विद्यार्थियों ने जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में कराटे, शतरंज एवं वॉलीबॉल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या वीणा डारा ने प्रात:कालीन सभा में सभी विजेता विद्यार्थियों के परिणामों की घोषणा करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की यह उपलब्धि विद्यालय के लिए अत्यंत गौरव का विषय है और यह अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।
कराटे प्रतियोगिता में अंडर-14 वर्ग में योवन ने स्वर्ण पदक जीतकर प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि गौरव, जतिन एवं आदित्य ने रजत पदक अपने नाम किए। अंडर-17 वर्ग में तेजन, लक्ष्य, जतिन, शुभम, आशु एवं नवीन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीते, वहीं कुणाल, रक्षित एवं पुलकित ने रजत पदक प्राप्त किए।
अंडर-19 वर्ग में वंश, लक्ष्य एवं निखिल ने रजत पदक जीतकर विद्यालय का गौरव बढ़ाया। शतरंज प्रतियोगिता में अंडर-17 वर्ग के प्रतिभाशाली छात्र जीवितेश ने जिला स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर अपनी बुद्धिमत्ता एवं उत्कृष्ट खेल कौशल का परिचय दिया।
वहीं जिला स्तरीय एसजीएफआई वॉलीबॉल प्रतियोगिता के अंडर-17 वर्ग में विद्यालय की टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। पहले दौर में टीम ने सफीदों की टीम को 25-11 एवं 25-14 के अंतर से हराकर अगले चरण में प्रवेश किया। सेमीफाइनल में पिल्लूखेड़ा की टीम को 25-17 एवं 25-19 से पराजित कर फाइनल में स्थान बनाया।
विद्यालय के निदेशक इंजीनियर प्रदीप नैन ने सभी खिलाडिय़ों को उनकी लगन, अनुशासन, उत्साह एवं उत्कृष्ट खेल भावना के लिए सराहा तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए अपना आशीर्वाद एवं शुभकामनाएँ प्रदान कीं।
उन्होंने कहा कि समर्पण, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास ही बड़ी सफलताओं की कुंजी हैं तथा उन्हें पूर्ण विश्वास है कि विद्यालय के खिलाड़ी राज्य स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे।
विद्यालय के चेयरमैन रवि श्योकंद ने सभी खिलाडय़िों, उनके अभिभावकों एवं प्रशिक्षकों को इस शानदार उपलब्धि पर बधाई दी। विद्यालय में प्रत्येक वर्ष खेल प्रतियोगिताओं में इसी प्रकार के उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त होते हैं, जो विद्यार्थियों के निरंतर परिश्रम, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन तथा विद्यालय द्वारा खेलों को दिए जा रहे विशेष प्रोत्साहन का प्रमाण हैं।

