हरियाणा में बिजली संकट गहराया: फरीदाबाद-गुरुग्राम समेत कई जिलों में घंटों कटौती, गर्मी में लोग परेशान
फरीदाबाद /28 मई / अटल हिन्द/ योगेश गर्ग की रिपोर्ट
हरियाणा में भीषण गर्मी के साथ बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। प्रदेश के कई जिलों में लंबे-लंबे बिजली कट लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। फरीदाबाद, गुरुग्राम, हिसार, करनाल, रोहतक, पानीपत, सोनीपत और अंबाला समेत कई शहरों में दिन और रात दोनों समय अघोषित बिजली कटौती हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और भी ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं, जहां कई-कई घंटे तक बिजली गुल रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बिजली की मांग
इस बार हरियाणा में पड़ रही भीषण गर्मी ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। तापमान बढ़ने के साथ बिजली की मांग भी ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच गई है। ऊर्जा विभाग के अनुमान के अनुसार इस वर्ष हरियाणा में पीक बिजली डिमांड करीब 16,454 मेगावाट तक पहुंच सकती है, जो अब तक की सबसे बड़ी मांग मानी जा रही है।
लगातार बढ़ते लोड के कारण ट्रांसफॉर्मर, बिजली लाइनें और पुराने फीडर ओवरलोड हो रहे हैं, जिससे बार-बार फॉल्ट और बिजली कटौती की स्थिति बन रही है।
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
प्रदेशभर में बिजली कटौती को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया पर उपभोक्ता लगातार बिजली विभाग और सरकार के खिलाफ शिकायतें दर्ज कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि वर्ष 2026 में भी घंटों बिजली गुल रहना व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
“रातभर गुल रहती है बिजली”
फरीदाबाद निवासी मुकेश तंवर ने बताया कि सिर्फ फरीदाबाद ही नहीं बल्कि पूरे हरियाणा में बिजली संकट गहराया हुआ है। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में पूरी रात बिजली नहीं आती, जबकि कई जगह दिनों तक सप्लाई बाधित रहती है। उनके अनुसार ट्रांसफॉर्मरों पर अत्यधिक लोड और पुरानी बिजली केबलें इस समस्या की मुख्य वजह हैं।
वहीं डबुआ कॉलोनी निवासी सोनू गुप्ता ने कहा कि रात में कई बार बिजली चली जाती है और शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि कस्टमर केयर और अधिकारियों से संपर्क करने पर भी समाधान नहीं मिल रहा।
फरीदाबाद में 14 घंटे तक बिजली कट
फरीदाबाद के कई इलाकों में हालात बेहद खराब बताए जा रहे हैं। जवाहर कॉलोनी और पर्वतीया कॉलोनी में रात से सुबह तक करीब 14 घंटे बिजली कटौती की शिकायत सामने आई है। एनआईटी-1 में करीब 8 घंटे, डबुआ कॉलोनी में 14 घंटे और पल्ला क्षेत्र में लगभग 8 घंटे बिजली सप्लाई बाधित रहने की बात कही गई है।
गुरुग्राम में टूटा बिजली मांग का रिकॉर्ड
गुरुग्राम में बिजली की मांग 2372 मेगावाट तक पहुंच चुकी है, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा है। लगातार एसी, कूलर और अन्य उपकरणों के इस्तेमाल से बिजली व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ रहा है। शहर और सोसायटियों में 6 से 8 घंटे तक बिजली कट लगाए जा रहे हैं, जबकि रात में भी कई बार सप्लाई बाधित हो रही है।
अंबाला में हजारों शिकायतें
अंबाला में जंडली, हाउसिंग बोर्ड, जड़ौत रोड और सैनिक विहार समेत 16 इलाकों में रातभर फ्यूज उड़ने के कारण 1 से 2 घंटे तक अघोषित कटौती की गई। बिजली विभाग को 2146 शिकायतें प्राप्त हुईं, लेकिन लोगों का आरोप है कि समस्याओं का समाधान समय पर नहीं हुआ।
सोनीपत और करनाल में भी हालात खराब
सोनीपत के वेस्ट रामनगर, मंडी और एटलस रोड क्षेत्रों में 3 से 4 घंटे तक बिजली कटौती हुई, जबकि ग्रामीण इलाकों में 6 घंटे तक बिजली गुल रही। गन्नौर के सरकारी अस्पताल में बिजली बाधित होने से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी।
करनाल के आरकेपुरम, शक्तिपुरम और सेक्टर-6 में ओवरलोड के चलते ट्रांसफॉर्मर और केबल जलने की घटनाएं सामने आईं। यहां शहरी क्षेत्रों में 3 से 4 घंटे और गांवों में करीब 5 घंटे तक बिजली सप्लाई बाधित रही।
कैथल में लोगों का प्रदर्शन
कैथल जिले में शहरों में करीब 3 घंटे और गांवों में 9 घंटे तक बिजली कटौती की शिकायतें सामने आईं। इससे नाराज कलायत के करोड़ा गांव के लोगों ने बिजली कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया।
चरखी दादरी, सिरसा और जींद में भी संकट
चरखी दादरी में बुधवार रात अलग-अलग समय पर कुल 3 घंटे बिजली कटौती की गई, जबकि गुरुवार को भी कई घंटे सप्लाई बाधित रही। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति रही तो पानी का संकट भी पैदा हो सकता है।
सिरसा जिले में तकनीकी खराबी के चलते शहरी क्षेत्रों में 3 से 4 घंटे तक बिजली बाधित रही। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार बिजली कट लगाए गए।
जींद जिले में मरम्मत कार्य के नाम पर शहरों में रोजाना 5 घंटे तक बिजली कटौती की जा रही है, जबकि गांवों में दिन-रात कई बार बिजली गुल हो रही है।
सरकार का दावा- जल्द सुधरेंगे हालात
हरियाणा सरकार और बिजली विभाग का दावा है कि अतिरिक्त बिजली खरीदकर सप्लाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है। हरियाणा बिजली विनियामक आयोग (HERC) ने करीब 687 मेगावाट अतिरिक्त बिजली खरीद को मंजूरी दी है। केंद्र सरकार की ओर से भी अतिरिक्त बिजली आवंटित की गई है ताकि गर्मियों में संकट को कम किया जा सके।
हालांकि लोगों का कहना है कि जमीनी स्तर पर अब तक राहत नजर नहीं आ रही है। पुरानी बिजली लाइनों को हटाकर अंडरग्राउंड वायरिंग करने की योजना भी अभी तक पूरी तरह शुरू नहीं हो पाई है।
ऊर्जा मंत्री ने की समीक्षा बैठक
हाल ही में ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने अधिकारियों के साथ बैठक कर बिजली व्यवस्था की समीक्षा की थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त बिजली उपलब्ध है और जहां कहीं समस्या सामने आ रही है, वहां अधिकारी और कर्मचारी लगातार सुधार कार्य में जुटे हुए हैं। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि बढ़ती गर्मी के बावजूद लोगों को सुचारु बिजली सप्लाई उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है।


