दिल्ली दंगे पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन समेत 5 दोषी करार, 6 बरी
नई दिल्ली/13 जुलाई 2026 /अटल हिन्द ब्यूरो
वर्ष 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के सांप्रदायिक दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के युवा अधिकारी अंकित शर्मा की बेरहमी से हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। एडिशनल सेशंस जज प्रवीण सिंह की अदालत ने आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व निगम पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। वहीं, सबूतों के अभाव में कोर्ट ने छह अन्य आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया।
कौन हुआ दोषी, कौन हुआ बरी?
इन्हें ठहराया गया दोषी: कोर्ट ने मुख्य आरोपी ताहिर हुसैन के अलावा नाजिम, कासिम, अनस और जावेद को दोषी पाया है।
इन्हें मिली राहत (बरी): हसीन उर्फ मुल्लाजी उर्फ सलमान, समीर खान, फिरोज, जावेद, गुल्फाम, शोएब आलम उर्फ बॉबी और मुंतजिम उर्फ मूसा को अदालत ने बरी कर दिया है।
क्राइम ब्रांच की चार्जशीट और बर्बरता की कहानी
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले में 3 जून 2020 को चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट के अनुसार:
साजिश और टारगेट किलिंग: 24 और 25 फरवरी 2020 को ताहिर हुसैन ने चांद बाग पुलिया स्थित मस्जिद और अपने घर से हिंसक भीड़ का नेतृत्व किया और इसे सांप्रदायिक रंग दिया। अंकित शर्मा की हत्या एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी, जिसके तहत उन्हें भीड़ द्वारा विशेष रूप से निशाना बनाया गया।
51 घाव और नाले में फेंका शव: खजूरी खास इलाके में ताहिर हुसैन के घर के बाहर इस वारदात को अंजाम दिया गया। हत्या के बाद अंकित शर्मा के शव को नाले में फेंक दिया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि अंकित के शरीर पर धारदार हथियार से वार के 51 निशान थे।
ताहिर था ‘मास्टरमाइंड’: पुलिस ने ताहिर को मुख्य साजिशकर्ता (मास्टरमाइंड) बताया है। उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 365 (अपहरण), 201 (सबूत मिटाना) और 34 के तहत मामला दर्ज है। घटना के वक्त उसके घर की छत से भारी मात्रा में पत्थर, पेट्रोल बम और तेजाब की बोतलें बरामद हुई थीं।
पृष्ठभूमि: फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए इन भीषण दंगों में कुल 53 लोगों की जान चली गई थी और लगभग 200 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
फैसले के बाद गरमाई सियासत: भाजपा का ‘आप’ पर तीखा हमला
कोर्ट के इस फैसले के बाद दिल्ली की राजनीति में भूचाल आ गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को सीधे कटघरे में खड़ा किया है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा का बयान
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने फैसले का स्वागत करते हुए आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा:
आम आदमी पार्टी का शुरू से ही देश विरोधी तत्वों से संबंध रहा है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण ताहिर हुसैन है।
दंगों के अन्य आरोपी जैसे खालिद सैफी और उमर खालिद को केजरीवाल सरकार ने हमेशा राजनीतिक संरक्षण दिया।
ओखला विधायक अमानतुल्लाह खान पर भी लगातार मुस्लिम भीड़ को भड़काने के आरोप लगते रहे हैं।
भाजपा ने मांग की है कि अरविंद केजरीवाल इन अपराधियों को संरक्षण देने के लिए देश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
कपिल मिश्रा का तीखा हमला
दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि कोर्ट के फैसले ने यह साबित कर दिया है कि 2020 के दंगे कोई अचानक भड़की हिंसा नहीं, बल्कि हिंदुओं के नरसंहार और पलायन की एक सुनियोजित साजिश थी।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब ताहिर हुसैन इस हत्याकांड को अंजाम दे रहा था, तब वह लगातार ‘आप’ नेताओं और उमर खालिद के संपर्क में था।
मिश्रा ने तंज कसते हुए कहा कि आज सुंदरकांड का पाठ कर सनातनी होने का ढोंग करने वाले लोग ही इस खूनी साजिश के असली मददगार थे।
मनजिंदर सिंह सिरसा का बयान
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि ताहिर के घर से मिले पेट्रोल बम और हथियारों से साफ है कि पूरी प्लानिंग दिल्ली को दंगों की आग में झोंकने की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी ने राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए बेकसूरों की हत्याएं करवाईं। सिरसा ने केजरीवाल को ताहिर हुसैन से भी अधिक खतरनाक करार दिया।

