राम मंदिर मुद्दे पर केजरीवाल का पीएम मोदी पर हमला, चंदा और जमीन घोटाले की निष्पक्ष जांच की मांग
दिल्ली , 3 जुलाई 2026 / अटल हिन्द ब्यूरो
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गोवा दौरे के दौरान आयोजित एक प्रेसवार्ता में राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित चंदा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश यह जानना चाहता है कि राम मंदिर से जुड़े कथित घोटालों और चंदे की चोरी के मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
केजरीवाल ने दावा किया कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के श्रद्धालुओं ने करोड़ों रुपये का दान दिया था, लेकिन अब जमीन खरीद, निर्माण कार्य और चढ़ावे से जुड़े कई कथित घोटाले सामने आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के दौरान जमीनों की खरीद में भारी अनियमितताएं हुईं और कई संपत्तियां बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदी गईं, जिससे दान की राशि का दुरुपयोग हुआ।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में भी जमीन खरीद से जुड़े कई मामले सामने आए थे, जिनमें कुछ जमीनें कुछ ही मिनटों में कई गुना अधिक कीमत पर मंदिर ट्रस्ट को बेची गईं। केजरीवाल के अनुसार, ऐसे कई दस्तावेज सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं और इन मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
प्रेसवार्ता में केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के टेंडरों में कथित तौर पर 40 प्रतिशत तक कमीशन लिया गया और अब चढ़ावे में भी चोरी के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज में कई बार चोरी की घटनाएं दिखाई दी हैं तथा कुछ अवधि की फुटेज भी कथित रूप से गायब कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों राम भक्त यह जानना चाहते हैं कि इस पूरे मामले में बड़े जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी। उनके अनुसार, अब तक हुई गिरफ्तारी, एसआईटी गठन और एफआईआर केवल दिखावटी कदम हैं तथा वास्तविक दोषियों तक जांच नहीं पहुंच रही है।
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार की निगरानी में हुआ और ट्रस्ट के सदस्यों का चयन भी सरकार की जानकारी में हुआ था। ऐसे में इतने बड़े स्तर पर कथित अनियमितताओं की जानकारी प्रधानमंत्री को नहीं होना सवाल खड़े करता है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें सूत्रों से जानकारी मिली है कि इस मामले को लेकर खुफिया एजेंसियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय को कई रिपोर्टें भेजी थीं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनके पास ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह कहा जा सके कि कथित धनराशि प्रधानमंत्री तक पहुंची। उन्होंने कहा कि उनकी मांग केवल निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की है।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि गठित एसआईटी के पास प्रभावी कानूनी अधिकार नहीं हैं और वह जमीन घोटाले जैसे मामलों की जांच भी नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच करानी है तो पूरे मामले की विस्तृत जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए।
प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने भाजपा के कुछ नेताओं के हालिया बयानों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यदि इतने बड़े स्तर के आरोप सामने आ रहे हैं तो सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।
अंत में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और यदि दान व चढ़ावे से जुड़े किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार के आरोप सही हैं तो दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए पूरे मामले की पारदर्शी जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।

