पंजाब की ‘मावां धियां सत्कार योजना’: महिलाओं के खाते में आई पहली किश्त, क्या 2027 चुनाव में बदलेगा सियासी गणित?
नई दिल्ली | 02 जुलाई 2026 | अटल हिन्द ब्यूरो
पंजाब की राजनीति में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार द्वारा शुरू की गई ‘माँ-बहन सम्मान योजना’ को अब सिर्फ एक कल्याणकारी योजना नहीं, बल्कि राजनीतिक नजरिए से भी अहम माना जा रहा है।
इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये दिए जा रहे हैं, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। सरकार ने पहले चरण में तीन महीने की राशि एक साथ जारी की है। यह पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए भेजा जा रहा है। योजना की शुरुआत 1 जुलाई 2026 से मानी जा रही है और इसके लिए लगभग 9300 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, अब तक 40 लाख से अधिक महिलाओं ने इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। कुछ अन्य रिपोर्टों में यह संख्या 44 लाख से भी ज्यादा बताई गई है। सरकार का दावा है कि पंजाब की लगभग 97% महिलाएं इस योजना से जुड़ सकती हैं।
राजनीतिक विश्लेषण में इसे अगले विधानसभा चुनावों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि यह योजना महिलाओं के वोट बैंक पर असर डाल सकती है।
2022 विधानसभा चुनाव में AAP को 42% से ज्यादा वोट मिले थे और पार्टी ने 92 सीटें जीती थीं। लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव में उसका वोट शेयर घटकर लगभग 26% रह गया था।
अब इस नई योजना को लेकर चर्चा है कि यह महिलाओं के बीच सरकार की पकड़ मजबूत कर सकती है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यदि इनमें से बड़ी संख्या में लाभार्थी वोट में बदलते हैं, तो यह पार्टी को करीब 10% तक अतिरिक्त समर्थन दिला सकता है।
हालांकि, राजनीतिक विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि सभी रजिस्टर्ड लाभार्थियों का वोट में बदलना संभव नहीं होता। विरोधी दलों की रणनीति, स्थानीय मुद्दे और सत्ता विरोधी लहर भी चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकती है।
कुल मिलाकर, इस योजना को सरकार की एक बड़ी सामाजिक पहल के साथ-साथ राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले चुनावों में देखने को मिल सकता है।

