इनेलो प्रमुख अभय चौटाला का बड़ा हमला: बीजेपी-कांग्रेस पर मिलीभगत के आरोप, 200 पेज चार्जशीट और 300 करोड़ स्वास्थ्य घोटाले की SIT जांच की मांग
5 जुलाई को हजारों लोगों के साथ चैनत गांव पहुंचेंगे इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला
चैनत गांव को पानी नहीं देना चाहती बीजेपी सरकार, इसकी आड़ में शहर और गांव के लोगों को बांटना चाहती है: चौधरी अभय सिंह चौटाला
मुख्यमंत्री के लिखा पत्र – कांग्रेस के खिलाफ 200 पेजों की दी गई चार्जशीट, बीजेपी सरकार में 20 से अधिक हुए घोटालों, सीडी कांड और स्वास्थ्य विभाग में निकल कर आए 300 करोड़ रुपए के घोटाले की हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच करवाने की मांग
जब तक एसवाईएल का पानी हमें नहीं मिलता तब तक किसी को भी हमारा पानी नहीं देने देंगे
चंडीगढ़ /02 जुलाई 2026 /अटल हिन्द ब्यूरो /राजकुमार अग्रवाल
इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने वीरवार को चंडीगढ़ में मीडिया से रूबरू होकर कहा कि इनेलो पार्टी हर साल 25 सितंबर को चौधरी देवीलाल के सम्मान दिवस को मनाते हैं। इसके लिए 5 जुलाई को 2 बजे हिसार में राष्ट्रीय और राज्य कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है।
उससे पहले 12 बजे चैनत गांव के लोगों के बुुलावे पर हजारों कार्यकर्ताओं के साथ वहां जाएंगे और गांव वालों को बता कर आएंगे कि बीजेपी इस पर गंदी राजनीति कर रही है। साथ ही मीडिया के माध्यम से चौधरी अभय सिंह ने प्रदेश भर के लोगों से वहां पहुंचने का भी आह्वान किया।
उन्होंने बीजेपी सरकार से भी कहा कि जो जिद बीजेपी सरकार ने पकडी हुई है उसे छोडक़र चैनत गांव को पानी दें। बीजेपी सरकार इस पर राजनीति कर रही है क्योंकि इनकी नीयत में खोट है। विपक्ष का काम है कि जब सरकार कोई गलत निर्णय ले तो उसका पूरजोर विरोध करे जो हम पूरी ताकत से कर रहे हैं।
हमने पहले भी मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री से कहा था कि उनको गांव वालों की बात को सुनना चाहिए और समाधान निकालना चाहिए। जब सरकार ने यह फैसला कर ही लिया था कि उस लाइन से पानी नहीं देना है तो क्यों टी लगवाई गई, उसके बाद टी को क्यों उखाड़ा गया, जिन्होंने टी को उखाड़ा उनके नाम उजागर क्यों नहीं किए गए, गांव के 1500 लोगों के खिलाफ पर्चे क्यों दर्ज किए गए
और सबसे बड़ी बात चैनत गांव की 11 सदस्यीय कमेटी को चंडीगढ़ क्यों बुलाया गया। सच्चाई यह है कि मुख्यमंत्री के कहने पर ही टी लगाई गई थी और मनोहर लाल खट्टर के आदेश पर टी उखाड़ी गई।
मुख्यमंत्री नायब सैनी डमी है और स्वयं कोई फैसला नहीं ले सकते। यही वजह है कि प्रदेश में अफसरशाही बेहद हावी हो चुकी है। दरअसल बीजेपी पूरी तरह से कमजोर हो चुकी है इसलिए गांव और शहर के लोगों को आपस में बांटना चाहती है।
हम चाहते हैं कि सभी को भरपूर पानी मिले, टूटी सडक़ें बनाएं, स्कूलों में अध्यापकों की कमी है उसे पूरा करें, अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है उसे पूरा करें और कमीशन खाने के लिए किए जा रहे अनावश्यक कामों को छोड़ कर विकास के काम करें।
चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि आज मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है जिसमें जब मनोहर लाल खट्टर मुख्यमंत्री थे तब उनको कांग्रेस के खिलाफ 200 पेज की एक चार्जशीट दी थी।
मनोहर लाल ने विधानसभा में आश्वासन दिया था कि इसकी जांच करवाएंगे। क्योंकि बीजेपी और कांग्रेस आपस में मिली हुई थी इसलिए उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। विधानसभा और राज्यसभा के चुनावों में बीजेपी और कांग्रेस की मिलीभगत प्रदेश के लोगों के सामने आ चुकी है।
पत्र में बीजेपी सरकार में हुए 20 से अधिक घोटालों के साथ साथ सीडी कांड जिसमें कांग्रेस और बीजेपी के लोग शामिल थे उनकी भी जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज द्वारा किए जाने की मांग की गई है। आज स्वास्थ्य विभाग का एक और 300 करोड़ रुपए का बड़ा घोटाला निकल कर आया है उसकी भी जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज द्वारा करवाई जाए।
राजस्थान को पानी देने के हुए समझौते पर कहा कि 1994 में कांग्रेस ने भी ऐसा एमओयू साइन किया था जिसमें लिखा था कि जब तक 3 डैम नहीं बनेंगे तब तक पानी नहीं दिया जाएगा। अब चूंकि राजस्थान में चुनाव आने वाले हैं तो लोगों को मुर्ख बनाने के लिए मात्र एमओयू किया गया है। जब तक एसवाईएल का पानी नहीं मिलता तब तक हमारा पानी किसी को भी नहीं लेने देंगे।
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