कैथल में पुलिस सुरक्षा पाने का घिनौना खेल: 2 करोड़ की रंगदारी की कहानी निकली फर्जी, पुलिस को गुमराह करने वाला ज्वैलर ही गिरफ्तार
कैथल | 01 जुलाई 2026 | अटल हिन्द ब्यूरो
सरकारी सुरक्षा (गनमैन) हासिल करने की चाहत में लोग किस हद तक जा सकते हैं, इसका एक हैरान कर देने वाला मामला कैथल के पूंडरी क्षेत्र से सामने आया है। एक नामचीन ज्वैलर ने पुलिस तंत्र को गुमराह कर सुरक्षा घेरा पाने के लिए खुद पर ही दो करोड़ रुपये की फिरौती का ताना-बाना बुन डाला। हालांकि, कैथल पुलिस की स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट (SDU) ने अपनी तकनीकी और तथ्यात्मक जांच के जरिए न सिर्फ इस सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश किया, बल्कि खुद को पीड़ित बताने वाले साजिशकर्ता ज्वैलर को भी बेनकाब कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
2 करोड़ की रंगदारी और विदेशी कॉल की वो ‘झूठी’ कहानी
विशेष डिटेक्टिव यूनिट के प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि फतेहपुर पूंडरी निवासी रवि वर्मा, जो पूंडरी में ‘लवली ज्वैलर्स’ नाम से दुकान चलाता है, ने 16 जून को पुलिस अधीक्षक (SP) मनप्रीत सिंह सूदन को एक लिखित शिकायत सौंपी थी। शिकायत में दावा किया गया था कि 13 जून को उसके पास एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई, जिसमें उसे जान से मारने की धमकी देकर दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। मामला सीधे तौर पर एक प्रतिष्ठित व्यापारी की सुरक्षा से जुड़ा था, जिसे देखते हुए एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने तुरंत स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट को मामले को सुलझाने और आरोपियों को दबोचने के सख्त आदेश दिए।
साइबर सेल की मुस्तैदी और अवैध हथियार के साथ शूटर गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट के हेड कांस्टेबल अनिल कुमार, देवेंद्र कुमार और एएसआई तरसेम सिंह की टीम ने साइबर सेल की मदद से कॉल डिटेल्स और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला, तो कहानी में झोल नजर आने लगा। इसी बीच, 28 जून को पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर राजौंद क्षेत्र से सिरसल निवासी देवेंद्र नाम के एक शातिर अपराधी को एक अवैध देसी कट्टे के साथ धर दबोचा। आरोपी देवेंद्र कोई आम अपराधी नहीं है, बल्कि उसके खिलाफ पहले से ही आर्म्स एक्ट, लूट और हत्या जैसे संगीन अपराधों के 11 मामले दर्ज हैं।
पूछताछ में खुला राज: ज्वैलर ने ही दी थी अपने खिलाफ रंगदारी की सुपारी
थाना राजौंद में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने जब कोर्ट से आरोपी देवेंद्र का 3 दिन का रिमांड हासिल किया और कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने जो सच उगला उसने पुलिस अधिकारियों को भी चौंका दिया। देवेंद्र ने कबूल किया कि विदेशी व्हाट्सएप नंबर से ज्वैलर रवि वर्मा के पास जो धमकी भरी कॉल गई थी, वह खुद रवि के ही कहने पर की गई थी। इस काम के एवज में रवि वर्मा ने उसे पैसे भी दिए थे।
जांच में स्पष्ट हुआ कि शिकायतकर्ता रवि वर्मा ने केवल पुलिस सुरक्षा (गनमैन) प्राप्त करने और समाज में अपना रौब जमाने के उद्देश्य से यह पूरी मनगढ़ंत कहानी रची थी। सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने और पुलिस को गुमराह करने के आरोप में पुलिस ने अब मुख्य साजिशकर्ता ज्वैलर रवि वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
सरकारी संसाधनों को व्यर्थ न करें: इंस्पेक्टर सुनील कुमार
मामले के पटाक्षेप के बाद इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने आम जनता से बेहद गंभीर अपील की है। उन्होंने कहा:
“किसी भी प्रकार की झूठी शिकायत, फर्जी धमकी या मनगढ़ंत सूचना देकर पुलिस को गुमराह न करें। ऐसा करना एक गंभीर और दंडनीय अपराध है। इस तरह की झूठी शिकायतों के कारण पुलिस का बहुमूल्य समय और संसाधन व्यर्थ होते हैं, जिससे उन वास्तविक पीड़ितों की सहायता प्रभावित होती है जिन्हें तात्कालिक मदद की जरूरत होती है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को वास्तव में कोई खतरा या धमकी है, तो वह पुलिस को बेझिझक सही जानकारी दे; कैथल पुलिस हर वास्तविक पीड़ित की सुरक्षा और न्याय के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

