दनौदा की हाईटेक लाइब्रेरी बनी ग्रामीण शिक्षा की मिसाल, सांसद कुमारी सैलजा ने किया अवलोकन, 11 लाख रुपये की ग्रांट का ऐलान
नरवाना /12 जून /नरेन्द्र जेठी
ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं को बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में दनौदा गांव की लाइब्रेरी एक नई पहचान बना रही है। इसी कड़ी में सिरसा सांसद एवं सर्वजातीय बिनैण खाप की बेटी कुमारी सैलजा ने शुक्रवार को दनौदा पहुंचकर लाइब्रेरी का अवलोकन किया।
लाइब्रेरी का निरीक्षण करने के बाद कुमारी सैलजा ने कहा कि गांवों में शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने के लिए इस प्रकार की पहल समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सर्वजातीय बिनैण खाप द्वारा बच्चों और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा यह कार्य वास्तव में सराहनीय है। आज के दौर में शिक्षा ही वह माध्यम है जो युवाओं को नई दिशा और बेहतर अवसर प्रदान कर सकता है।
ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त लाइब्रेरी स्थापित करना एक सामाजिक क्रांति के समान है। सांसद सैलजा ने कहा कि दनौदा की यह लाइब्रेरी केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं के सपनों को साकार करने का केंद्र बनेगी । यहां बैठकर अनेक विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी करेंगे, जो पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि समाज और खाप संस्थाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे आकर इसी प्रकार की सकारात्मक पहल करनी चाहिए। लाइब्रेरी के विकास और विद्यार्थियों की जरूरतों को देखते हुए कुमारी सैलजा ने अपने सांसद निधि कोष से 11 लाख रुपये की ग्रांट देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि इस राशि का उपयोग लाइब्रेरी में आवश्यक सुविधाओं के विस्तार, अध्ययन सामग्री और विद्यार्थियों के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने में किया जाएगा।
उनके इस ऐलान से उपस्थित ग्रामीणों और युवाओं में खुशी की लहर दौड़ गई। इस अवसर पर सर्वजातीय बिनैण खाप के प्रधान रघुबीर नैन ने सांसद कुमारी सैलजा का स्वागत करते हुए कहा कि खाप हमेशा समाजहित और शिक्षा के विकास के लिए कार्य करती रही है।
उन्होंने कहा कि गांव के युवाओं को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाइब्रेरी की स्थापना की गई थी और यह क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगी। प्रधान रघुबीर नैन ने अपने संबोधन में कहा, शिक्षा से बड़ा कोई दान नहीं होता। हमारा प्रयास है कि गांव का कोई भी बच्चा संसाधनों की कमी के कारण अपनी पढ़ाई से वंचित न रहे।
दनौदा लाइब्रेरी में रोजाना बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययन कर सकेंगे और कई युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। सांसद कुमारी सैलजा द्वारा 11 लाख रुपये की ग्रांट की घोषणा हमारे इस अभियान को और मजबूती प्रदान करेगी। इसके लिए पूरा खाप परिवार उनका आभारी है।

उन्होंने कहा कि खाप केवल सामाजिक परंपराओं तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, खेल, पर्यावरण और सामाजिक सुधार जैसे विषयों पर भी लगातार कार्य कर रही है। आने वाले समय में क्षेत्र के अन्य गांवों में भी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इसी प्रकार की योजनाएं शुरू की जाएंगी। कार्यक्रम के दौरान सांसद कुमारी सैलजा ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें मेहनत, अनुशासन और निरंतर अध्ययन के महत्व के बारे में बताया।
उन्होंने युवाओं को देश और समाज के विकास में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर सर्वजातीय बिनैण खाप के उपप्रधान भगत राम, महामंत्री बलजीत फौजी, कोषाध्यक्ष रामेहर नैन, प्रवक्ता संदीप दनौदा, रोलद तपा प्रधान जगपाल नैन, धमतान तपा प्रधान डॉ. प्रीतम नैन, कांग्रेस कृषक प्रकोष्ठ अध्यक्ष ईश्वर नैन, सरपंच किताबो देवी, जोगेंद्र नैन, तिरलोक नैन, सहित खाप पदाधिकारी, गणमान्य व्यक्ति, ग्रामीण और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।
डॉ. अंबेडकर के नाम पर बने पुस्तकालय का नाम बदलना जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ – कुमारी सैलजा
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने शुक्रवार को जींद में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से संचालित पुस्तकालय का नाम बदलकर
अटल पुस्तकालय किए जाने के विरोध में आयोजित रोष प्रदर्शन का समर्थन किया और कहा कि केवल पुराने भवनों और संस्थानों के नाम बदलने से विकास नहीं होता और न ही इससे किसी महापुरुष के योगदान को मिटाया जा सकता है।
अम्बेडकर चौक, रानी तालाब में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कुमारी सैलजा ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर संचालित पुस्तकालय का नाम बदलना करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत करने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि पहले से बने और संचालित भवनों पर केवल नए फ्लेक्स बोर्ड लगाने से बाबा साहब का नाम इतिहास से नहीं मिटाया जा सकता।
यदि सरकार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर सम्मान व्यक्त करना चाहती है तो नए विकास कार्य करे, नई योजनाएं शुरू करे और युवाओं के भविष्य को मजबूत बनाए। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश और देश का युवा बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और अवसरों की कमी से जूझ रहा है।
नीट जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आती हैं, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है और सरकार 12 वर्षों की उपलब्धियां दिखाने के लिए पुराने संस्थानों के नाम बदलने में लगी हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस निर्णय की समीक्षा की जाए तथा पुस्तकालय का नाम पुन: भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर पुस्तकालय किया जाए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि जनता अब नाम बदलने की राजनीति की वास्तविकता को समझ चुकी है। सरकार को अपनी नीयत स्पष्ट करनी चाहिए और समाज को बांटने वाले ऐसे कदमों से परहेज करना चाहिए।
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करना लोकतंत्र और संविधान पर आघात – सैलजा
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि सुश्री मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन रद्द किया जाना पूरी तरह असंवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत कदम है।
कांग्रेस पहले से ही यह कहती रही है कि भारतीय जनता पार्टी का लोकतंत्र और संविधान में वास्तविक विश्वास नहीं है और यह घटना एक बार फिर उसी आशंका को प्रमाणित करती है। सांसद ने कहा कि निर्वाचन आयोग के रवैये को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं।
देश ने कई अवसरों पर देखा है कि आयोग का व्यवहार अपेक्षित निष्पक्षता, स्वतंत्रता और पारदर्शिता से दूर दिखाई देता है। इस पूरे घटनाक्रम ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस इस निर्णय को हर लोकतांत्रिक और संवैधानिक मंच पर चुनौती देगी तथा न्याय प्राप्त करने के लिए उपलब्ध सभी संवैधानिक विकल्पों का उपयोग करेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का विश्वास लोकतंत्र, संविधान और संस्थाओं की गरिमा में है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने 12 वर्षों के शासन का उत्सव मना रही है, लेकिन यह घटना दर्शाती है कि लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं को कमजोर करके किसी भी उपलब्धि का उत्सव नहीं मनाया जा सकता। लोकतंत्र को मजबूत करना ही किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होनी चाहिए।


