महाराजा अरुट जी महाराज की जयंती श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाई गई
-महापुरुषों के आदर्शों पर चलकर ही विकसित भारत का सपना होगा साकार : सुभाष बराला
-पंजाबी समाज का इतिहास वीरता, राष्ट्रभक्ति और बलिदान की अमर गाथा : कृष्ण मिठ्ठा
टोहाना/07 जून/ योगेश खनेजा
अरोड़वंश के संस्थापक एवं महान समाज सुधारक महाराजा अरुट जी महाराज की जयंती टोहाना के स्थानीय शगुन पैलेस में श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने मुख्य अतिथि तथा हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाराजा अरुट जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों ने अतिथियों का भव्य स्वागत किया।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा कि महाराजा अरुट जी केवल एक वंश के संस्थापक नहीं थे, बल्कि मानवता, सामाजिक न्याय और संगठन के प्रतीक थे। उन्होंने अपने दूरदर्शी नेतृत्व से एक ऐसे समाज की स्थापना की, जो आज भी सत्य, धर्म और पुरुषार्थ के मूल्यों पर अडिग है। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के आदर्शों को अपनाकर ही एक सशक्त और विकसित राष्ट्र का निर्माण संभव है।
सांसद सुभाष बराला ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को विकसित राष्ट्र बनाने की प्रेरणा उन लाखों परिवारों के संघर्ष से मिलती है, जिन्होंने विभाजन की त्रासदी झेलने के बावजूद अपने साहस, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर नई पहचान स्थापित की। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास और मेहनत से सफलता के नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि महाराजा अरुट जी का जीवन त्याग, सेवा, सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश देता है। उन्होंने हिंदू-सिख एकता और सर्वधर्म समभाव की जो भावना समाज में स्थापित की, वह आज भी प्रेरणास्रोत बनी हुई है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा ‘संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रचार-प्रसार योजना’ के तहत विभिन्न महापुरुषों की जयंती और स्मृति दिवस सरकारी स्तर पर मनाए जा रहे हैं, ताकि उनकी शिक्षाओं और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।
विधानसभा डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि पंजाबी समाज का इतिहास वीरता, राष्ट्रभक्ति, त्याग और बलिदान की अमर गाथा है। जब-जब देश, धर्म और मानवता पर संकट आया, तब-तब पंजाबी समाज ने अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी और गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के अतुलनीय बलिदानों का स्मरण करते हुए कहा कि ऐसे महान त्यागों ने भारतीय संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा में अमूल्य योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा महापुरुषों की जयंती और स्मृति दिवस मनाने की जो परंपरा शुरू की गई थी, उसे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आगे बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने विभाजन की पीड़ा सहकर भारत आए परिवारों के संघर्ष और योगदान को याद करते हुए कहा कि आज समाज को जो सम्मान और पहचान प्राप्त है, वह पूर्वजों की तपस्या, त्याग और अथक मेहनत का परिणाम है।इस अवसर पर डॉ शिव सचदेवा, संस्थापक रिंकू ग्रोवर, रविन्दर मेहता, स्वीटी मेहता, अशोक तनेजा, मनदीप ग्रोवर, अनिता मेहता, लवली मौंगा, नन्दी डारा, जाखल नपा अध्यक्ष विकास कामरा अधिवक्ता दीपक खनेजा सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।


