पेट्रोल पंपों पर डीजल व पेट्रोल की असामान्य बिक्री तथा अवैध अंतर्राज्यीय परिवहन पर रखी जाए कड़ी निगरानी
ईधन के रूप में हाई स्पीड डीजल का प्रयोग करने वाली औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ पेट्रोल पंपों की जांच करें संबंधित एसडीएम
पेट्रोलियम पदार्थों की अवैध बिक्री को रोकने के लिए जिला में अलग-अलग क्षेत्रों में बनाई गई हैं फ्लाइंग स्क्वाड टीमें
बिना वैध दस्तावेजों के डीजल-पेट्रोल परिवहन करने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
रणबीर सिंह रोहिल्ला/ सोनीपत।
उपायुक्त नेहा सिंह ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि जिला में हाई स्पीड डीजल (एचएसडी) और मोटर स्पिरिट (पेट्रोल) की असामान्य बिक्री तथा अवैध अंतर्राज्यीय परिवहन पर कड़ी निगरानी रखी जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उपायुक्त नेहा सिंह ने मंगलवार को लघु सचिवालय में पेट्रोलियम पदार्थों की अवैध बिक्री को रोकने के संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए उन्हें दिशा-निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि जिला में 09 ऐसी औद्योगिक इकाईयां है, जो ईंधन के रूप में डीजल का प्रयोग करती है, इनमें 03 कुण्डली, 02 बहालगढ़, 01 रेवली, 01 खरखौदा, 01 खानपुर तथा 01 औद्योगिक इकाई सेक्टर 12 सोनीपत में स्थित है। उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिए कि वे सभी अपने क्षेत्र में स्थित इन औद्योगिक इकाईयों की जांच करें कि इन्होंने यह ईधन कहां से खरीदा है।
अगर इसमें किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पेट्रोल पंपों की दैनिक बिक्री पर विशेष निगरानी रखी जाए।
यदि किसी पेट्रोल पंप पर डीजल अथवा पेट्रोल की बिक्री में अचानक असामान्य वृद्धि पाई जाती है तो उसका तत्काल ऑडिट एवं निरीक्षण किया जाए। इसके अतिरिक्त यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पेट्रोल पंपों से अनधिकृत टैंकरों अथवा ऐसे व्यावसायिक संस्थानों को थोक मात्रा में ईंधन की आपूर्ति न हो, जिन्हें नियमों के अनुसार सीधे ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से ईंधन प्राप्त करना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम पदार्थों की अवैध बिक्री को रोकने के लिए जिला में अलग-अलग क्षेत्रों में फ्लाइंग स्क्वाड टीमें बनाई गई हैं, जिनमें एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा पुलिस के अधिकारी शामिल है।
ये टीमें लगातार फील्ड में रहकर पेट्रोलियम पदार्थों की अवैध बिक्री पर निगरानी रखेंगी। इसके अलावा उपायुक्त ने सभी तेल कंपनियों को निर्देश दिए कि पेट्रोल पंपों पर एक बार में हुई बड़ी ट्रांजेक्शनों का डाटा डीएफएससी को उपलब्ध करवाएं ताकि अगर किसी पेट्रोल पंप पर कोई कालाबाजारी की गई है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।
सीएम विंडो पर लंबित शिकायतों का करें तुरंत निपटान
उपायुक्त नेहा सिंह ने सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों को निर्देश दिए कि सीएम विंडो पर लंबित शिकायतों का निर्धारित समयावधि में प्राथमिकता के आधार पर निपटान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन द्वारा दर्ज करवाई गई
शिकायतों का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शिकायतों की नियमित समीक्षा करें,
संबंधित पक्षों से आवश्यक जानकारी प्राप्त करें तथा प्रत्येक शिकायत का तथ्यात्मक एवं संतोषजनक समाधान करते हुए समय पर रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने कहा कि शिकायत निवारण प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें ताकि नागरिकों को त्वरित एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध हो सकें।


