बिजली, डीजल और जनसमस्याओं को लेकर भडक़ा किसानों व मजदूरों का गुस्सा; लघु सचिवालय पर जोरदार प्रदर्शन
अघोषित बिजली कटों ने किसान परेशान, लचर व्यवस्था तुरंत सुधारे सरकार : मनदीप नथवान
फतेहाबाद/ 27 मई /योगेश खनेजा
बिजली की कमी, डीजल के रेटों में बढ़ोतरी सहित अन्य समस्याओं को लेकर सैंकड़ों किसानों और मजदूरों ने पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के आह्वान पर फतेहाबाद में रोष प्रदर्शन किया।
जिलाभर से आए किसान और मजदूर हिसार रोड स्थित नई सब्जी मण्डी में एकत्रित हुए और वहां से रोष मार्च निकालते हुए गगनभेदी नारों के साथ लघु सचिवालय पहुंचे, जहां उन्होंने उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा।
प्रदर्शन में मुख्य वक्ता के तौर पर संगठन के प्रदेशाध्यक्ष मनदीप नथवान ने शिरकत की, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला प्रधान ओमप्रकाश हसंगा व मनरेगा मजदूर यूनियन के जिला प्रधान केसर दास ने संयुक्त रूप से की। मंच संचालन किसान नेता महेन्द्र सिंह द्वारा किया गया। मजदूर नेता रोही राम लालवास के नेतृत्व में काफी संख्या में मजदूरों ने भी प्रदर्शन में भाग लिया।
किसानों को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष मनदीप नथवान ने तीखे तेवरों में कहा कि क्षेत्र का आम नागरिक, किसान और मजदूर वर्ग लंबे समय से अनेक मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन संबंधित विभागों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत करवाने के बावजूद कोई उचित समाधान नहीं किया गया है।
बिजली संकट पर बोलते हुए मनदीप नथवान ने कहा, भयंकर गर्मी के इस मौसम में क्षेत्र में बिजली के बार-बार और अघोषित कट लग रहे हैं, जिससे आम जनता का जीना मुहाल हो गया है और किसानों को अपनी फसलों को बचाने व सिंचाई करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।
हमारी मांग है कि इस लचर व्यवस्था में तुरंत सुधार कर स्थाई समाधान किया जाए। उन्होंने पेट्रोल-डीजल के बढ़ाए गए रेट भी तुरंत वापस लेने की मांग की।
उन्होंने आगे कहा कि प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहे किसानों की खराब हुई फसलों का उचित मुआवजा और बीमा राशि प्रशासन द्वारा जल्द से जल्द जारी की जानी चाहिए। इसके अलावा, क्षेत्र में लगातार बढ़ रही सेम की समस्या उपजाऊ जमीनों को बर्बाद कर रही है, जिसका स्थाई तकनीकी समाधान बेहद जरूरी है।
मानसून को ध्यान में रखते हुए उन्होंने मांग की कि घग्गर नाली एवं ड्रेन की तुरंत सफाई करवाई जाए तथा बांधों को समय रहते मजबूत किया जाए ताकि बरसात के समय फसलों और गांवों को नुकसान से बचाया जा सके।
इसके साथ ही, किसानों के काफी समय से लंबित पड़े ट्यूबवेल कनेक्शनों को भी तुरंत प्रभाव से जारी किया जाए। मजदूरों की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए किसान नेताओं ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में मनरेगा के कार्य पूरी तरह बंद पड़े हैं, जिन्हें तुरंत शुरू किया जाना चाहिए ताकि मजदूर वर्ग को रोजगार मिल सके। साथ ही, जिन गरीब व पात्र मजदूरों के राशन कार्ड या जॉब कार्ड काट दिए गए हैं, उन्हें दोबारा बहाल किया जाए ताकि वे सरकारी जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले सकें।
प्रदर्शन के दौरान धान खरीद में होने वाले घोटालों तथा भ्रष्टाचार पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई। नेताओं ने चेतावनी दी कि बाजार में किसानों को बेचे जा रहे नकली नरमा बीज और नकली खाद की खुलेआम लूट बंद होनी चाहिए और इसके पीछे सक्रिय माफिया व दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
इसके अतिरिक्त, प्राइवेट फाइनेंस कंपनियों द्वारा आम जनता के साथ की जा रही अवैध वसूली व लूटपाट पर लगाम लगाने, क्षेत्र में बढ़ रहे नशे व गुंडागर्दी पर सख्त एक्शन लेकर कानून व्यवस्था को मजबूत करने का भी पुरजोर आग्रह किया गया।
कार्यक्रम के अंत में जिला प्रधान ओमप्रकाश हसंगा और केसर दास ने संयुक्त रूप से कहा कि ये सभी 11 समस्याएं सीधे तौर पर आम जनता, किसानों और मजदूरों के जीवन और आजीविका को प्रभावित कर रही हैं। यदि प्रशासन ने इस जनहित के मांग पत्र को गंभीरता से नहीं लिया और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर जल्द समाधान नहीं करवाया, तो आने वाले दिनों में संगठन इस आंदोलन को और उग्र रूप देने पर मजबूर होगा।


