गुरुग्राम को मिली ऐतिहासिक सौगात: CJI सूर्यकांत और CM नायब सैनी ने किया उत्तर भारत के सबसे बड़े ‘टावर ऑफ जस्टिस’ का लोकार्पण
गुरुग्राम को न्यायिक व्यवस्था के क्षेत्र में एक नई और ऐतिहासिक पहचान मिली
करीब सात एकड़ क्षेत्र में निर्मित यह आधुनिक जिला न्यायालय परिसर
गुरुग्राम का नया कोर्ट कैंपस उत्तर भारत के सबसे बड़े जिला न्यायालय परिसरों में शामिल
नए परिसर में 55 से अधिक अदालत कक्ष न्यायिक सेवाएं प्रदान करेंगे
गुरुग्राम 12 जुलाई 2026 /अटल हिन्द /फतह सिंह उजाला
गुरुग्राम को न्यायिक व्यवस्था के क्षेत्र में एक नई और ऐतिहासिक पहचान मिली, जब भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) श्री सूर्यकांत जी ने अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘टावर ऑफ जस्टिस’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, विधायक श्मुकेश शर्मा , हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह एवं महिपाल ढांडा, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
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करीब सात एकड़ क्षेत्र में निर्मित यह आधुनिक जिला न्यायालय परिसर उत्तर भारत के सबसे बड़े जिला न्यायालय परिसरों में शामिल है। यहां 56 कोर्ट रूम, लगभग 530 वाहनों की पार्किंग, डिजिटल कोर्ट सुविधाएं, पुस्तकालय, जिम तथा अन्य आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं, जिससे न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुगम बनाया जा सकेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत जी ने कहा कि देश में विकास के साथ न्यायिक मामलों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है, जिनमें भूमि विवाद प्रमुख हैं। ऐसे में न्यायालयों को एकीकृत एवं आधुनिक स्वरूप देने की आवश्यकता है। उन्होंने गुरुग्राम के “टावर ऑफ जस्टिस” को भविष्य की न्यायिक व्यवस्था का उत्कृष्ट मॉडल बताते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट तथा राज्य सरकार को हरियाणा में भी एकीकृत अदालतों की दिशा में कार्य करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और रियल-टाइम डेटा प्रबंधन के माध्यम से मामलों के शीघ्र निस्तारण में बड़ी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि “टावर ऑफ जस्टिस” केवल एक भवन नहीं, बल्कि संविधान की गरिमा और न्यायपालिका के प्रति करोड़ों नागरिकों के विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पुराने न्यायालय परिसर में 45 अदालतें संचालित होती थीं, जबकि नए परिसर में 55 से अधिक अदालत कक्ष न्यायिक सेवाएं प्रदान करेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” की तरह “ईज ऑफ जस्टिस” को भी राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यह परिसर न्याय को आम नागरिक के और अधिक निकट लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने पुराने न्यायालय परिसर के एक हिस्से में अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक चैंबर विकसित करने की भी घोषणा की।
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इस अवसर पर गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा ने कहा कि “टावर ऑफ जस्टिस केवल एक आधुनिक न्यायालय भवन नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था को अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह अत्याधुनिक परिसर गुरुग्राम सहित आसपास के क्षेत्र के लाखों नागरिकों को बेहतर न्यायिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, न्याय प्रक्रिया को गति देगा तथा न्यायपालिका के प्रति जनविश्वास को और अधिक सशक्त बनाएगा।” उन्होंने कहा कि गुरुग्राम लगातार विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है और यह आधुनिक न्यायालय परिसर भी उसी प्रगतिशील सोच का सशक्त उदाहरण है। इससे न केवल न्यायिक ढांचे को मजबूती मिलेगी, बल्कि आम नागरिकों को आधुनिक एवं सुविधाजनक न्यायिक सेवाओं का लाभ भी प्राप्त होगा।
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