केयू विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरतः प्रो. ए.आर.चौधरी
कुरुक्षेत्र, 17 अप्रैल। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (Kurukshetra University)के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में डीन स्टूडेंट वेलफेयर कार्यालय द्वारा आयोजित वार्षिक सार्वजनिक भाषण प्रतियोगिता रोस्ट्रम-2026 के अंतिम चरण का सफल आयोजन शुक्रवार को सीनेट हॉल में किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार तथा डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. ए.आर चौधरी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि प्रो. राकेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि रोस्ट्रम केवल एक भाषण प्रतियोगिता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि जब युवा अपने विचारों को स्पष्टता, तर्क और आत्मविश्वास के साथ व्यक्त करना सीखते हैं, तभी वे समाज और राष्ट्र निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में ज्ञान के साथ-साथ प्रभावशाली संवाद क्षमता भी सफलता की एक महत्वपूर्ण कुंजी है। प्रो. राकेश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक रूप से सक्षम बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा व्यक्तित्व प्रदान करना भी है जो हर मंच पर अपनी पहचान स्थापित कर सके।
डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. ए.आर. चौधरी ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है और इसी उद्देश्य से समय-समय पर छात्र-केंद्रित गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि भविष्य में भी विश्वविद्यालय में ऐसी रचनात्मक और प्रेरणादायक प्रतियोगिताएं आयोजित होती रहेंगी।
प्रतियोगिता के समन्वयक प्रो. ओमवीर सिंह तथा संयुक्त समन्वयक डॉ. सलोनी पवन दीवान ने बताया कि यह प्रतियोगिता पिछले तीन महीनों से तीन चरणों में आयोजित की जा रही थी, जिसके अंतिम दौर में 21 शिक्षण विभागों के 24 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने पैरा एथलीट्स, डिजिटल इकोनॉमी, नीति निर्माण में युवाओं की भागीदारी, गीता दर्शन, महिला उद्यमिता तथा ड्रोन युग में एयरस्पेस प्रबंधन जैसे समकालीन विषयों पर प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत किए।
निर्णायक मंडल में प्रो. गीता गोयल, प्रो. विक्रम कौशिक और प्रो. गुरमीत सिंह शामिल रहे। निर्णायकों ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन प्रस्तुतीकरण शैली, वक्तृत्व कला, आत्मविश्वास और विषय की गहराई के आधार पर किया।
प्रतियोगिता में सिमरन (एम.ए. अर्थशास्त्र द्वितीय वर्ष) ने प्रथम स्थान, अदिति शुक्ला (एम.एससी. भूगोल) ने द्वितीय तथा ईशु शर्मा (एम.एससी. कंप्यूटर साइंस द्वितीय वर्ष) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विशेष पुरस्कार सिया ढींगरा, सिद्धार्थ वालिया और अरुणिमा को प्रदान किए गए। कार्यक्रम के सफल संचालन में पर्यावरण अध्ययन संस्थान के शोधार्थी करुणा और अभिषेक ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस अवसर पर प्रो. हरदीप राय जोशी, प्रो. ओमवीर सिंह, डॉ. सलोनी दिवान सहित शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद थे।


