संदीप पाठक पर FIR की चर्चा से पंजाब की सियासत में हलचल, आरोपों पर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने
चंडीगढ़ /2 मई /अटल हिन्द ब्यूरो
पंजाब की राजनीति में उस समय नया विवाद देखने को मिला जब मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा सामने आया कि राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब में दो अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। हालांकि पुलिस की ओर से इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, जिससे मामले को लेकर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, जिन मामलों की चर्चा हो रही है उनमें एक कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा बताया जा रहा है, जबकि दूसरा मामला महिला उत्पीड़न के आरोपों से संबंधित कहा जा रहा है। लेकिन इन दोनों मामलों को लेकर भी पुलिस स्तर पर कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीति से प्रेरित हो सकती है, वहीं सत्तापक्ष की ओर से इन आरोपों को सिरे से खारिज किया जा रहा है।
संदीप पाठक ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें किसी भी एफआईआर की जानकारी नहीं है और न ही किसी पुलिस एजेंसी ने उनसे संपर्क किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा ईमानदारी और निष्ठा के साथ देश की सेवा की है और उनके अनुसार यह सब राजनीतिक दबाव या विरोधियों की प्रतिक्रिया हो सकती है।
गौरतलब है कि हाल ही में वे अन्य नेताओं के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे, जिसके बाद से ही पंजाब की राजनीति में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई थीं।
इधर भाजपा नेताओं ने इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का आरोप है कि विपक्षी सरकार पुलिस तंत्र का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह कार्रवाई डर और बदले की राजनीति का संकेत हो सकती है।
वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि वह जल्द ही राज्यपाल से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी और तथ्यों को प्रस्तुत करेंगे, ताकि स्थिति में पारदर्शिता बनी रहे।
फिलहाल, इस पूरे प्रकरण में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है और राजनीतिक स्तर पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।


