भाखड़ा मुख्य नहर से जुड़ी पाइपलाइन को उखाड़ने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है
चंडीगढ़ / 2 जून / अटल हिन्द ब्यूरो
पंजाब और हरियाणा की सीमा पर किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। भाखड़ा मुख्य नहर से जुड़ी पाइपलाइन को उखाड़ने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोपों के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए 31 प्रमुख किसान नेताओं समेत कई अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर दी है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है तथा आंदोलन ने नया और अधिक उग्र मोड़ ले लिया है।
महिलाओं ने संभाली आंदोलन की कमान
किसान नेताओं पर दर्ज मामलों के विरोध में अब बड़ी संख्या में किसान महिलाएं सड़कों पर उतर आई हैं।
धरना स्थलों और प्रशासनिक कार्यालयों के बाहर महिलाओं ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि किसान अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें झूठे मामलों में फंसाकर दबाने का प्रयास कर रही है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने स्पष्ट कहा है कि जब तक एफआईआर वापस नहीं ली जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
कल से सामूहिक भूख हड़ताल
किसान यूनियनों ने इस कार्रवाई के विरोध में आंदोलन को और तेज करने की घोषणा की है। नेताओं ने ऐलान किया है कि कल से सामूहिक भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
किसान नेताओं का कहना है कि प्रशासन चाहे जितने भी मुकदमे दर्ज कर ले, वे अपने हक की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। उनके अनुसार, “पानी और जमीन के अधिकार की लड़ाई जारी रहेगी। जब तक एफआईआर वापस नहीं ली जाती, भूख हड़ताल शुरू होगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा विवाद भाखड़ा नहर के पानी और पाइपलाइन बिछाने की परियोजना से जुड़ा हुआ है। किसानों का आरोप है कि इस परियोजना से उनकी कृषि भूमि और क्षेत्र के भूजल स्तर पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। उनका कहना है कि बिना उचित सहमति और मुआवजे के प्रशासन द्वारा काम आगे बढ़ाया जा रहा था।
इसी विरोध में किसानों ने हाल ही में प्रदर्शन करते हुए सरकारी पाइपलाइन को उखाड़ दिया और काम रुकवा दिया था। इसके बाद प्रशासन ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से कथित दुर्व्यवहार के आरोप में मामला दर्ज किया है।
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों और धरना स्थलों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। खुफिया एजेंसियां भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।


