बीजेपी सरकार ने किसानों को नीचा दिखाने के लिए थंब इंप्रेशन शुरू किया गया: अदित्य देवीलाल
महिला आरक्षण बिल पर कहा कि ये भाजपा वाले अब नारी हितैषी बनकर दिखा रहे हैं, ये बताएं 2023 में जब ये कानून बन गया तो लागू क्यों नहीं किया?
चंडीगढ़24 अप्रैल/अटल हिद ब्यूरो
डबवाली से इनेलो विधायक अदित्य देवीलाल ने शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित इनेलो मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर मीडिया को बताया कि हरियाणा के किसान की फसल खरीद को लेकर आज सिर्फ इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला और तमाम पार्टी पदाधिकारी सभी मंडियों में जाकर किसानों की मदद कर रहे हैं। इसके लिए इनेलो पार्टी की तरफ से मंडियों में किसान कष्ट निवारण खोले गए हैं जो किसानों की मदद कर रहे हैं। उन्होंने स्वयं प्रदेश की कई मंडियों का दौरा किया है।
उन्होंने बताया कि वे डबवाली मंडी में अपनी फसल लेकर ऊंट गाड़ी पर गए थे। वहां मौजूद अधिकारियों को कहा कि इसकी नंबर प्लेट नहीं है, फसल बेचनी है कोई औपचारिकता है तो पूरी कर लो। फिर उन्होंने गेट पास दिया। मैंने पूछा कि मैं विधायक हूं तो जाने दे रहे हो या किसान हूं इसलिए। तब अधिकारियों ने कहा कि ट्रैक्टर या गाड़ी में फसल लेकर जाना जरूरी नहीं है। मैंने कहा जब कोई दिक्कत नहीं है तो प्रदेश के किसानों को तंग क्यों किया जा रहा है? कई किसानों ने किराए पर ट्रैक्टर लेकर व्यवस्था की। किसानों ने महंगा किराया दिया है। मंडी फसलों से भरी पड़ी है, सरकार 48 घंटे में उठान और भुगतान के झूठे दावे कर रही है। किसी अन्य प्रदेश में अंगूठे के निशान नहीं मांगे गए, केवल हरियाणा में थंब इंप्रेशन मांग गए हैं। 10 वीं पास बच्चे अपने लैपटॉप से फसल खरीद कर रहे हैं। वही किसानों के थंब इंप्रेशन ले रहे हैं। यह पूरी तरह से किसानों के पैसे और डाटा सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। सारा का सारा डाटा बच्चों के निजी लैपटॉप में है।
जब मैं मंडी बोर्ड का चेयरमैन था तो 1300 थे, अब बढ़ गए होंगे। पक्के कर्मचारी तो हैं नहीं इसलिए ये बच्चे 45 दिन के लिए लगाए जाते हैं। अगर किसानों के साथ धोखाधड़ी हुई तो क्या सरकार जिम्मेदार होगी या मंडी बोर्ड जिम्मेदार होगा। सच तो यह है कि हरियाणा के किसानों को नीचा दिखाने के लिए ये थंब इंप्रेशन शुरू किया गया। हरियाणा के अलावा किसी भी प्रदेश में थंब इंप्रेशन नहीं है। किसान आंदोलन के दौरान हरियाणा के किसानों ने पंजाब के किसानों की मदद की थी, सरकार उसका बदला ले रही है। अभी 5 से 10 हजार रुपए तक के छोटे लेवल पर साइबर फ्रॉड गांवों में हो रहे हैं।
लेकिन अब फसलों के पैसे खातों में आएंगे तो बड़ा फ्रॉड हो सकता है। इसका जिम्मेदारी कौन होगा। मुख्यमंत्री नायब सैनी के भी जमीन है, उनसे पूछो कि क्या वे भी अंगूठा लगाकर फसल बेचकर आए हैं।
राज्यसभा चुनाव में देवेंद्र कादियान के इनेलो विधायक के साइन करने वाले आरोपों पर आदित्य देवीलाल ने कहा कि आप सब वहां थे,कोई दिखा दे कि मैंने साइन किए हैं। देवेंद्र कादियान बताएं कि उन्होंने ये बात किसके इशारे पर कही। हमने जनता के हित को देखते हुए वोट न करने का फैसला लिया था।
महिला आरक्षण बिल पर कहा कि ये भाजपा वाले अब नारी हितैषी बनकर दिखा रहे हैं। ये बताएं 2023 में जब ये कानून बन गया तो लागू क्यों नहीं किया?। निंदा प्रस्ताव तो भाजपा के खिलाफ लाना चाहिए। एक दिन का सेशन लाने का मतलब है जनता का पैसा खराब करना। एक दिन के सेशन में कानून में क्या बदल देंगे, ये हमारे अधिकार क्षेत्र में है नहीं। ये इवेंट की सरकार है, हर चीज को इवेंट बना देती है।
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