75 लाख से अपग्रेड होगा मीडिया संस्थान का स्टूडियोः प्रो. सोमनाथ सचदेवा
छात्रों के लिए आधुनिक सुविधाओं से संपन्न होगा मीडिया स्टूडियोः प्रो. महासिंह पूनिया
कुरुक्षेत्र/ 23 अप्रैल/अटल हिन्द ब्यूरो
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान में मल्टीमीडिया स्टूडियो को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। रूसा की 75 लाख रूपये ग्रांट से मीडिया संस्थान के मल्टीमीडिया स्टूडियो से यह उन्नयन कार्य विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन एवं दूरदर्शी नेतृत्व में संपन्न किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य छात्रों को आधुनिक मीडिया तकनीकों से लैस करना है।
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा स्टूडियो के उन्नयन हेतु एक विस्तृत और सुनियोजित परियोजना तैयार की गई है। इस परियोजना के अंतर्गत स्टूडियो को तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे, जिससे यह एक पूर्णतः प्रोफेशनल स्तर का मल्टीमीडिया प्रोडक्शन केंद्र बन सके।कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने इस पहल को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में मीडिया और संचार के क्षेत्र में व्यावहारिक ज्ञान का अत्यधिक महत्व है, और इस तरह के अत्याधुनिक संसाधन छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में सहायक सिद्ध होंगे।
संस्थान के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आधुनिक सुविधाओं से लैस स्टूडियो में उच्च गुणवत्ता का अकूस्टिक ट्रीटमेंट किया जाएगा। मीडिया स्टूडियो छात्रों के लिए आधुनिक सुविधाओं से संपन्न होगा। दीवारों पर विशेष साउंड-एब्जॉर्बिंग सामग्री लगाई जाएगी, जिससे अनचाही प्रतिध्वनि (इको) और बाहरी शोर को नियंत्रित किया जा सकेगा। इससे ऑडियो रिकॉर्डिंग की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा और छात्रों को वास्तविक इंडस्ट्री जैसा अनुभव प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त, स्टूडियो में उन्नत फ्लोरिंग के लिए विशेष कारपेटिंग की जाएगी, जो ध्वनि नियंत्रण के साथ-साथ स्टूडियो के वातावरण को भी अधिक अनुकूल बनाएगी। एक आधुनिक साउंडप्रूफ अकूस्टिक डोर भी स्थापित किया जाएगा, जिससे बाहरी शोर पूरी तरह से नियंत्रित रहेगा और रिकॉर्डिंग के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होगी।
प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए संस्थान का न्यूजलैटर प्रकाशित किया जा रहा है, जो विद्यार्थियों की रचनात्मकता और अकादमिक गतिविधियों को एक नया मंच प्रदान करेगा। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में संस्थान में सभी स्ट्रीम के विद्यार्थियों के लिए 40 लाख रुपये से अधिक की लागत से आधुनिक फर्नीचर उपलब्ध करवाया गया है, जिससे शिक्षण वातावरण और अधिक सुदृढ़ एवं सुविधाजनक बना है। संस्थान में शीघ्र ही अत्याधुनिक स्टूडियो में पॉडकास्टिंग की शुरुआत की जाएगी। यह पहल विद्यार्थियों के कौशल विकास के साथ-साथ उन्हें रोजगार के नए अवसरों के लिए तैयार करने में सहायक सिद्ध होगी।
इसके साथ ही “मीडिया चौपाल” की अभिनव अवधारणा को रत्नावली और गीता जयंती जैसे प्रमुख आयोजनों के माध्यम से साकार किया गया, जिसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लेकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। यह सभी पहलें जनसंचार संस्थान को न केवल अकादमिक उत्कृष्टता की ओर अग्रसर कर रही हैं, बल्कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में भी सशक्त बना रही हैं।
प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत इलेक्ट्रिकल सिस्टम को भी पूरी तरह से आधुनिक बनाया जाएगा। इसमें नई वायरिंग, उन्नत लाइटिंग व्यवस्था, स्मार्ट स्विचिंग सिस्टम तथा अन्य आवश्यक तकनीकी सुविधाएं शामिल होंगी। इन सभी सुधारों का उद्देश्य स्टूडियो को डिजिटल मीडिया प्रोडक्शन के लिए पूर्णतः सक्षम बनाना है।यह स्टूडियो न केवल पत्रकारिता और मीडिया छात्रों के लिए उपयोगी होगा, बल्कि कंटेंट क्रिएशन, डिजिटल प्रोडक्शन, पॉडकास्टिंग और वीडियो एडिटिंग जैसे क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इससे छात्रों की रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी।
उन्होंने बताया कि यह कार्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप तकनीकी और कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने में भी सहायक सिद्ध होगा। जनसंचार विभाग का यह प्रयास छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। इस आधुनिक मल्टीमीडिया स्टूडियो के विकसित होने से जनसंचार विभाग न केवल शैक्षणिक और तकनीकी गतिविधियों में अग्रणी बनेगा, बल्कि यह छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की मीडिया इंडस्ट्री के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करने में भी सक्षम होगा। यह पहल कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की गुणवत्ता, नवाचार और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।


