गरीब जनता का बुरा हाल कब बनेगा गुरुग्राम का सरकारी अस्पताल ?
बड़े-बड़े दावे, इसके बाद भी अस्पताल निर्माण का काम एक कदम भी नहीं
बढ़ती स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, गरीब मरीजों की बदहाली का मुद्दा उठाया
गुरुग्राम मांगे सरकारी अस्पताल…अस्पताल के निर्माण पर कांग्रेसियों का प्रदर्शन
कांग्रेस कार्यालय से लेकर अस्पताल स्थल तक किया विरोध प्रदर्शन एवं पैदल मार्च
गुरुग्राम/07 जून /अटल हिन्द /फतह सिंह उजाला
गुरुग्राम मांगे सरकारी अस्पताल… जनता पूछ रही कब बनेगा सरकारी अस्पताल…गरीब मरीजों का बुरा हाल कब बनेगा सरकारी अस्पताल…? इस तरह के नारों के साथ रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन एवं पैदल मार्च किया। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (शहरी) पंकज डावर के नेतृत्व में कार्यकर्ता कमान सराय स्थित कांग्रेस कार्यालय परिसर से जुलूस निकालते हुए नागरिक अस्पताल स्थल तक पहुंचे।
जिला अध्यक्ष (शहरी) पंकज डावर ने सरकारी अस्पताल के निर्माण में देरी पर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। स्वास्थ्य मंत्री, केंद्रीय मंत्री एवं सांसद कई बार यहां दौरे कर चुके हैं। बड़े-बड़े दावे कर चुके हैं। इसके बाद भी अस्पताल निर्माण का काम एक कदम भी नहीं बढ़ा है। कार्यकर्ताओं ने शहर में बढ़ती स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और गरीब मरीजों की बदहाली का मुद्दा उठाया।
सरकार ने केवल घोषणाओं तक खुद को सीमित रखा
प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष पंकज डावर ने कहा कि गुरुग्राम जैसे मेट्रो शहर में आज भी एक पूर्ण विकसित सरकारी अस्पताल ना होना सरकार की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यहां के लाखों लोग निजी अस्पतालों की महंगी फीस चुकाने में असमर्थ हैं। रोजाना सेंकड़ों मरीज इलाज के अभाव में दर-दर भटकते हैं। सरकार ने वादे तो बहुत किए,
लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ। डावर ने सरकारी अस्पताल के निर्माण में हो रही देरी पर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री, केंद्रीय मंत्री और सांसद कई बार यहां दौरे कर चुके हैं और बड़े-बड़े दावे कर चुके हैं।
यहां आकर तस्वीरें खिंचवाई जाती हैं और फिर सब भुला दिया जाता है। अस्पताल निर्माण का काम एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा है। जनता अब जानना चाहती है कि आखिर फाइलें कहां अटकी हैं और काम कब शुरू होगा।
पंकज डावर ने कहा कि गुरुग्राम में निजी अस्पतालों की भरमार है, लेकिन गरीब तबके के लिए सरकारी स्वास्थ्य सुविधा न के बराबर है। सरकारी अस्पताल न होने से गरीब मरीजों को या तो महंगा इलाज कराना पड़ता है या दिल्ली-रोहतक जैसे शहरों का रुख करना पड़ता है। आपातकालीन स्थिति में यह देरी कई बार मरीज की जान पर भारी पड़ जाती है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने केवल घोषणाओं तक खुद को सीमित रखा है।
न तो अस्पताल बना, न हीं बच्चों का स्कूल बचा
प्रस्तावित अस्पताल के लिए साथ लगते सरकारी स्कूल की कई एकड़ जमीन को भी ले लिया गया है, फिर भी अस्पताल का निर्माण शुरू नहीं हो रहा। निर्माण शुरू न होना प्रशासनिक उदासीनता और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी को दर्शाता है।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि गुरुग्राम में बढ़ती आबादी, ट्रैफिक और औद्योगिक विस्तार को देखते हुए एक मजबूत सरकारी अस्पताल की जरूरत पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। सरकार स्मार्ट सिटी की बात करती है, लेकिन बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा तक मुहैया नहीं करा पा रही।
सरकारी अस्पताल निर्माण की समयसीमा तय की जाए
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए तो पार्टी सडक़ों से लेकर सदन तक इस मुद्दे को उठाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज करना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गुरुग्राम में लंबे समय से एक पूर्ण विकसित सरकारी अस्पताल की मांग उठ रही रही है।
पैदल मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, महिला कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की कि अस्पताल निर्माण के लिए तत्काल बजट जारी किया जाए। टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और निर्माण कार्य की समयसीमा तय की जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जनता का मूल अधिकार है और सरकार को इसे प्राथमिकता देनी चाहिए।
विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से शामिल कांग्रेसी
इस अवसर पर पर्ल चौधरी, सुनीता सहरावत, सीमा पाहुजा, सूबे सिंह यादव, सीमा हुड्डा कटारिया, सुशील सहरावत, विकास हुड्डा, भोले गुज्जर, राजेश यादव बादशाहपुर, परविंदर कटारिया, संतोख सिंह, अरुण शर्मा, राजेश पटेल, श्याम लाल बामनिया, महावीर कन्हई, रविंद्र तिगरा, शमीम खान, नरेश वशिष्ठ, सतीश सांगवान, दीपक सोनी,
उदयभान, सुनील चौहान, राहुल नंबरदार, राजीव यादव, अमन प्रजापति, पंकज मेंहदीरता, मनोज आहुजा, रमाकांत शर्मा, अरविंद उल्लवास, सन्नी यादव, रमणीक वशिष्ठ, राजेश यादव, अमन कौशिक, लोकेश कौशिक, अमित कोचर, सुनीता तोमर, सक्षम शर्मा, मास्टर महेंद्र सेन, संजय भाटिया, अब्दुल मलिक, भूपेश शुक्ला, ललित चावरिया, रमेश सहरावत समेत अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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