ट्रांसफार्मर की मांग को लेकर म्योंद खुर्द व म्योंद कला के ग्रामीणों का धरना, चांदपुरा फीडर विवाद ने पकड़ा तूल
तीन गांव की बिजली जंग चांदपुरा की मांग, म्योंद खुर्द, म्योंद कला ग्रामीणों का विरोध, समाधान की राह में अटका ट्रांसफार्मर
जाखल /3 जून /योगेश खनेजा
क्षेत्र के तीन गांवों म्योंद खुर्द, म्योंद कला और चांदपुरा के बीच बिजली आपूर्ति को लेकर चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। बुधवार को जहां चांदपुरा के ग्रामीणों ने गांव के सरपंच अमरीक ग्रेवाल के नेतृत्व में जाखल बिजली घर में धरना प्रदर्शन कर टिब्बा फीडर को म्योंद कला स्थित 33 केवी बिजली घर से जोड़ने की मांग उठाई थी, वहीं अब म्योंद खुर्द और म्योंद कला के ग्रामीण भी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन के मैदान में उतर आए हैं।
गुरुवार को म्योंद खुर्द के सरपंच गुरमीत सिंह तथा म्योंद कला के सरपंच प्रतिनिधि गोविंद कुमार के नेतृत्व में ग्रामीणों ने 33 केवी बिजली घर के पास खेतों में धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में किसान रोहित कुमार, गुरविंदर, गुरदेव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
सभी ने एकमत से मांग रखी कि चांदपुरा फीडर को जोड़ने से पहले बिजली घर में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाया जाए। धरनारत ग्रामीणों का कहना है कि मौजूदा 33 केवी बिजली घर की क्षमता पहले से सीमित है और यह म्योंद खुर्द व म्योंद कला की बिजली जरूरतों को ही मुश्किल से पूरा कर पा रहा है।
ऐसे में बिना अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए चांदपुरा का फीडर जोड़ने से बिजली भार बढ़ेगा, जिससे वोल्टेज की समस्या, बार-बार कटौती और तकनीकी दिक्कतें पैदा हो सकती हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उन्हें चांदपुरा गांव को बिजली सुविधा दिए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन पहले बिजली घर की क्षमता बढ़ाना जरूरी है ताकि तीनों गांवों के उपभोक्ताओं को भविष्य में परेशानी का सामना न करना पड़े।
गौरतलब है कि चांदपुरा के ग्रामीण लंबे समय से टिब्बा फीडर को म्योंद कला के 33 केवी बिजली घर से जोड़ने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि बिजली घर निर्माण के समय इस योजना के तहत पोल भी लगाए गए थे, लेकिन हाल ही में रात के समय तारें उतार ली गईं, जिससे ग्रामीणों में रोष फैल गया। इसी को लेकर बुधवार को जाखल बिजली घर में धरना प्रदर्शन किया गया था।
क्या बोले एक्सईएन,
उधर बिजली विभाग के एक्सईएन कृष्ण कुमार का कहना है कि अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने की प्रक्रिया तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृतियों से जुड़ी हुई है तथा इसमें समय लगेगा। विभाग के अनुसार ट्रांसफार्मर लगाने की प्रक्रिया पूरी होने में अनिश्चित दिनों का समय लग सकता है।
फिलहाल एक ओर चांदपुरा के ग्रामीण जल्द से जल्द फीडर जोड़ने की मांग पर अड़े हैं, जबकि दूसरी ओर म्योंद खुर्द और म्योंद कला के ग्रामीण ट्रांसफार्मर लगाए बिना ऐसा करने का विरोध कर रहे हैं।
ऐसे में बिजली विभाग के सामने तीनों गांवों के हितों को ध्यान में रखते हुए सर्वमान्य समाधान निकालने की चुनौती खड़ी हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते उचित फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जा सकता है।
Add A Comment


