AtalHind
राष्ट्रीय

कैथल सरकारी अस्पताल की नर्स व  पुलिसकर्मी समेत 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर  दर्ज करने के आदेश

कैथल सरकारी अस्पताल की नर्स व  पुलिसकर्मी समेत 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर  दर्ज करने के आदेश
जिला अदालत कैथल ने डॉ. विनय गुप्ता के केस में दिया कोर्ट ने आदेश

कैथल (अटल हिन्द/राजकुमार अग्रवाल )

जिला अदालत कैथल सरकारी अस्पताल, कैथल के ही पूर्व चिकित्सक डॉ. विनय गुप्ता के एक केस की सुनवाई करते हुए एस.एच.ओ सिविल लाइन पुलिस थाना कैथल को सरकारी अस्पताल कैथल की एक नर्स, एक पुलिस कर्मी समेत 7 लोगों के खिलाफ ऍफ़.आई.आर दर्ज करने के आदेश दिए हैं l इन सभी पर आई.पी.सी की धारा 323, 342, 347, 355, 420, 467, 468, 471, 500, 506, 34, 120-बी के तहत ऍफ़.आई.आर दर्ज करने के लिए कोर्ट में शिकायत दी थी l सरकारी अस्पताल कैथल के जिन 6 कर्मचारियों के खिलाफ ऍफ़.आई.आर दर्ज करने के आदेश हुए हैं उनमे सरकारी अस्पताल में क्लर्क के रेगुलर पद पर कार्यरत अक्षय कुमार, एन.एच.एम् के तहत कॉन्ट्रैक्ट पर लगी प्रियंका रानी (कम्युनिटी नर्स), सुशील शर्मा (केस रजिस्ट्री असिस्टंट), व अस्पताल में स्थित नशा मुक्ति केंद्र में आउटसोर्सिंग के तहत लगे संदीप कालिया वार्ड अटेंडेंट, बलिंदर अटेंडेंट, पंच नाम का स्वीपर कम अटेंडेंट शामिल हैं l डॉ. विनय गुप्ता का केस लड़ रहे एडवोकेट ने बताया की गत 26 अगस्त को डॉ. विनय गुप्ता को सरकारी अस्पताल में एक आर.टी.आई की जानकारी जिसमे प्रियंका रोहिला नर्स द्वारा सरकारी अस्पताल में की गई धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार से संबंधित दस्तावेज़ शामिल थे, जिन्हे लेने के लिए तत्कालीन प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. शैलेंदर ममगाई ने फ़ोन कर अपने कार्यालय में बुलावाया था l  जिसकी भनक लगते ही उक्त सभी आरोपियों ने नर्स प्रियंका के उकसावे पर और उसकी साजिश में शामिल होकर डॉ. विनय गुप्ता का नर्स प्रियंका के साथ चल रहे एक पुराने विवाद के चलते, हमला कर मारपीट शुरू कर दी l जो सारी घटना वहां लगे सी.सी.टी.वी कैमरों में रिकॉर्ड हो गयी l  उन्होंने बताया की उन्होंने कोर्ट के समक्ष सी.सी.टी.वी फुटेज भी बतौर सबूत पेश की जिसमे प्रियंका समेत उक्त सभी आरोपियों की संदिग्धता और लिप्तता को देखते हुए एवं उनके द्वारा अन्य पेश किये गए तथ्यों को देखते हुए कोर्ट ने उपरोक्त सभी आरोपियों के विरुद्ध एफ.आई.आर दर्ज करने के आदेश दे दिए l सी.सी.टी.वी फुटेज में एक पुलिस कर्मी भी डॉ. गुप्ता का हाथ पकडे, जकड़े व उन्हें मारने में मदद करता साफ दिखाई दे रहा है व  उसी के द्वारा उसके मोबाइल पर बनाई गयी विडियो जिसे उसने बाद में सोशल मीडिया पर भी वायरल कर दिया, यह उक्त पुलिस कर्मी लोगों को डॉ. विनय को मारने के लिए उकसाता हुआ सुनाई दे रहा है जिसका तुरंत संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने इस पुलिस कर्मचारी के खिलाफ भी ऍफ़.आई.आर दर्ज करने के आदेश दिए हैं l उन्होंने  बताया की नर्स प्रियंका रानी के सरकारी अस्पताल कैथल के साथ की गयी धोखाधड़ी कर सरकारी पैसे क्लेम करने बारे के कागज़ात जो डॉ. विनय गुप्ता ने आर.टी.आई के जरिए लिए थे, भी उन्होंने इस में केस में लगाए थे जिसके चलते धारा 420, 467, 468, 471 भी जोड़ी गयी l

Advertisement

Related posts

कैथल जिले में करवाया जा पूरा प्रचार-प्रसार :-  सुशील कुमार

editor

नरेंद्र मोदी सरकार का चुनाव पूर्व अंतरिम बजट पेश,रोजगार देने का कोई उल्लेख नहीं मिला।

editor

त्रिपुरा में हुई सांप्रदायिक हिंसा का लाभ किसे मिल रहा है…

admin

Leave a Comment

URL