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मुख्यमंत्री बताएँ कहाँ है हरियाणा में बाजरे की एमएसपी ?: चौधरी संतोख

मुख्यमंत्री बताएँ कहाँ है हरियाणा में बाजरे की एमएसपी ?: चौधरी संतोख

बाजरे की फ़सल एमएसपी पर न ख़रीदने का निर्णय किसानों से विश्वासघात

सरकार का एमएसपी थी,एमएसपी है,और एमएसपी रहेगी का जुमला फ़ेल

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एमएसपी थी, एमएसपी है और एमएसपी रहेगी, यह भी सरकार का जुमला

by-फतह सिंह उजाला


गुरुग्राम ।
 संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम के अध्यक्ष चौधरी संतोख सिंह ने कहा कि आज किसान आंदोलन को लगातार 324 दिन हो गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में सरकार द्वारा बाजरे की फ़सल एमएसपी पर न ख़रीदने का निर्णय किसानों के साथ विश्वासघात है। सरकार का एमएसपी थी,एमएसपी है,और एमएसपी रहेगी का जुमला पूरी तरह फ़ेल हो गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि मुख्यमंत्री बताएँ हरियाणा में कहाँ है बाजरे की एमएसपी ? ताकि किसान अपना बाजरा एमएसपी पर बेच सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा था कि हरियाणा में सभी फसलों को एमएसपी पर ख़रीदेंगे लेकिन अब मुख्यमंत्री अपनी बातों से मुकर गए हैं।मुख्यमंत्री ने अपने बयान में स्वयं माना है कि बाजरे का औसत बाज़ार भाव एमएसपी  से बहुत कम है।मुख्यमंत्री जनता को गुमराह करने के लिए कह रहे हैं कि बाजरे का औसत बाज़ार भाव 1650 रुपया प्रति क्विंटल है जबकि वास्तव में बाजरे का औसत बाज़ार भाव 1200-1300 सौ रुपया प्रति क्विंटल है।बाजरे का एमएसपी 2250 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि बाजरे का औसत बाज़ार भाव 1200-1300 रुपया प्रति क्विंटल है।

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बाजरा बीजाई का क्षेत्रफल 11,30,000 एकड़
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर हरियाणा में बाजरे की फसल के लिए 2,71,000 किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। इसी रिपोर्ट के अनुसार 76,000 किसान (कुल बाजरा उत्पादक किसानों का 22 प्रतिशत )  ऐसे हैं जिनकी पटवारी द्वारा की गई गिरदावरी में तो बाजरा फसल दर्ज है लेकिन वो मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने में सफल नहीं हुए हैं। रजिस्टर किए गए कुल बाजरा भूमि का क्षेत्रफल 11,30,000 एकड़ है और अनरजिस्टर्ड 76,000 किसानों की भूमि भी यदि इसमें जोड़ ली जाए तो इस बार हरियाणा में 14,46,900 एकड़ में बाजरे की फसल का अनुमान है।वास्तव में इनके अलावा भी कई किसान बचे हैं जिन्होंने अपना रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है।ऐसे किसानों को भी रजिस्ट्रेशन करने के लिये समय दिया जाए ताकि हरियाणा का कोई भी किसान अपनी मेहनत का मूल्य पाने में असमर्थ ना रहे। सरकार द्वारा बाजरे की ख़रीद एमएसपी पर नहीं करना एमएसपी को ख़त्म करने का षडयंत्र है।उन्होंने सरकार से माँग की कि बाजरे की ख़रीद एमएसपी पर की जाए। धरने पर शामिल होने वालों में जयप्रकाश रेडू,अनिल पंवार,योगेश्वर दहिया,फ़ूल कुमार,पंजाब सिंह,तेजराम यादव,ईश्वर सिंह पातली,तारीफ़ सिंह गुलिया,शिव कुमार,अमित सिंह, कुलदीप सिंह, विरेन्द्र खोला,सुरेंद्र पाल सिंह, नवीन कुमार,नवनीत रोजखेड़ा,जगमाल मलिक,अनिल ढिल्लो,मनीष मक्कड़,आकाशदीप,रणजेय सिंह तथा अन्य व्यक्ति शामिल थे।

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