बीजेपी की केंद्र सरकार (भारत सरकार नहीं )की आलोचना करने वाले कई एक्स हैंडल्स पर भारत में रोक लगाई
नई दिल्ली/19 मार्च/अटल हिन्द ब्यूरो
भारतमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) पर कई ऐसे अकाउंट्स को ब्लॉक किए जाने की खबर सामने आई है, जो कथित तौर पर केंद्र की बीजेपी सरकार की आलोचना कर रहे थे। इस कदम के बाद देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और डिजिटल सेंसरशिप को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
सूत्रों के अनुसार, जिन अकाउंट्स पर कार्रवाई हुई है, वे सरकार की नीतियों, फैसलों और नेताओं पर लगातार सवाल उठा रहे थे। इन अकाउंट्स को भारत में एक्सेस नहीं किया जा सकता, हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वे अभी भी उपलब्ध हैं।
सरकार की ओर से इस पर आधिकारिक तौर पर विस्तृत बयान नहीं आया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि यह कार्रवाई आईटी नियमों (IT Rules) के तहत की गई हो सकती है। सरकार पहले भी कह चुकी है कि सोशल मीडिया पर “राष्ट्र विरोधी” या “भ्रामक” सामग्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि यह लोकतंत्र के मूल सिद्धांत—अभिव्यक्ति की आज़ादी—पर हमला है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार आलोचना को दबाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर रही है।
बीजेपी के प्रधानमंत्री
नरेंद्र दामोदर मोदी (भारत के नहीं )या बीजेपी सरकार(भारत सरकार नहीं ) की आलोचना करने वाले अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई में तेज़ी देखी गई है, खासकर बीजेपी के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर मोदी के इज़रायल दौरे के समय, ईरान पर अमेरिका-इज़रायल हमले पर उनकी चुप्पी, ईरानी नेतृत्व की हत्या और भारत के पास ही अमेरिकी हमले में ईरानी नौसैनिक जहाज के डूबने जैसे घटनाक्रमों के बाद.
गुरुवार (19 मार्च) को इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन (आईएफएफ) ने भारत में पोस्ट और अकाउंट्स को रोके जाने की लगातार मिल रही खबरों पर चिंता जताई.
आईएफएफ ने कहा, ‘फेसबुक, एक्स और इंस्टाग्राम पर भारत में पोस्ट और अकाउंट्स को रोके जाने की लगातार खबरों को लेकर हम चिंतित हैं, जिनमें सरकार की आलोचना और व्यंग्य भी शामिल है. हालिया रिपोर्ट्स में सामने आया है कि यूज़र्स को ‘भारत में रोका गया’ जैसे सामान्य नोटिस या आईटी एक्ट की धारा 69ए के तहत ईमेल मिल रहे हैं, जिनमें बहुत कम या कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया जाता. वहीं स्वतंत्र रिपोर्टिंग में ऐसे कंटेंट हटाए जाने की बात सामने आई है, जो राजनीतिक, व्यंग्यात्मक या आलोचनात्मक है, न कि स्पष्ट रूप से अवैध.’

बीजेपी की केंद्र सरकार(भारत की केंद्र सरकार नहीं) की आलोचना करने वाले कई
एक्स हैंडल बुधवार रात (18 मार्च) से भारत में रोक दिए गए हैं. इनमें लोकप्रिय पैरोडी अकाउंट @Nehr_who, @DrNimoYadav, @indian_armada और @DuckKiBaat; पत्रकार और एक्टिविस्ट संदीप सिंह (@ActivistSandeep); साथ ही मनीष आरजे (@mrjethwani_) और डॉ. रंजन (@Doc_RGM) के अकाउंट शामिल हैं.इन सभी पेजों पर अब एक संदेश दिख रहा है, ‘कानूनी मांग के जवाब में इस अकाउंट को भारत में रोक दिया गया है.’हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन आदेशों के पीछे क्या वजह है, लेकिन ये सभी अकाउंट अपने पोस्ट और व्यंग्यात्मक कार्टून के जरिए अल्पसंख्यकों के साथ केंद्र सरकार के व्यवहार, ईरान पर इज़रायल-अमेरिका के हमले और भारत में एलपीजी संकट, और अन्य मुद्दों पर आलोचनात्मक रुख रखते रहे हैं.
पब्लिक पॉलिसी शोधकर्ता और
आईएफएफ के पूर्व कार्यकारी निदेशक प्रतीक वाघरे ने कहा कि एक्स पर अकाउंट पर पाबंदियों में वृद्धि हुई है.उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘ऐसा लगता है कि हम प्रतिबंध/सस्पेंशन की एक नई छोटी लहर देख रहे हैं. यह ट्वीट्स के बजाय अकाउंट स्तर पर कार्रवाई है. 11 मार्च 2026 से अब तक ऐसे मामलों को दर्ज कर रहा हूं, अब तक 42 उदाहरण सामने आए हैं.’
केंद्र सरकार सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए का इस्तेमाल करते हुए ऐसे कई सोशल मीडिया पोस्ट्स को ब्लॉक कर रही है, जिनमें एक समान बात यह है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी नीतियों, शैली या रवैये पर तीखी आलोचना या व्यंग्य करते हैं.कुछ दिन पहले @Doc_RGM द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो, जिसमें मोदी की डिग्री सार्वजनिक न करने पर व्यंग्य किया गया था, को ब्लॉक करने का आदेश दिया गया था. अब उस अकाउंट ही रोक दिया गया है.28 फरवरी 2026 को द वायर के एक व्यंग्यात्मक एनिमेटेड कार्टून, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी को उनके इज़रायल दौरे के दौरान एक ‘मेडल’ दिए जाने को हास्यपूर्ण तरीके से दिखाया गया था, उसे भी एक्स पर रोका गया था.इससे कुछ दिन पहले, 9 फरवरी को द वायर का इंस्टाग्राम अकाउंट भी एक व्यंग्यात्मक कार्टून के कारण भारत में दो घंटे से अधिक समय के लिए ब्लॉक कर दिया गया था.
गौरतलब है कि मार्च 2024 से जून 2025 के बीच केंद्र और राज्य सरकारों ने एक्स को करीब 1,400 पोस्ट या अकाउंट हटाने के आदेश दिए थे.इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार इस बात पर भी विचार कर रही है कि आईटी मंत्रालय के अलावा गृह, विदेश, रक्षा और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालयों को भी आईटी एक्ट की धारा 69ए के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को कंटेंट ब्लॉक करने के आदेश देने का अधिकार दिया जाए.फिलहाल, इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स को अंतिम निर्देश जारी करने का अधिकार केवल इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के पास है, जो विभिन्न अनुरोधों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लेता है.
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने इस कदम को ‘अस्वीकार्य’ बताया है.
उन्होंने लिखा, ‘कंटेंट को बिना वजह ब्लॉक और हटाने के बाद अब सोशल मीडिया अकाउंट्स को भारत में रोका जा रहा है. @Nehr_who @DrNimoYadav @ActivistSandeep @mrjethwani_ @indian_armada @Doc_RGM @DuckKiBaat सहित कई अकाउंट्स को रोका गया है. यह अस्वीकार्य है.’
राजनीतिक कंटेंट क्रिएटर अर्पित शर्मा ने लिखा, ‘सरकार की आलोचना करने वाली कई इंस्टाग्राम रील्स भारत में रोकी जा रही हैं, एक्स पर कई पोस्ट भी रोकी जा रही हैं, क्या यही लोकतंत्र है?’
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