साइबर अपराधियों पर कैथल पुलिस का शिकंजा,
मेवात जंगल क्षेत्र में बैठकर साइबर फ्रॉड कर रहे दो आरोपियों को थाना साइबर क्राइम कैथल द्वारा मेवात जंगल से किया गया काबु,
एक छात्रा के पिता का दोस्त बन लाखों रुपये की ठगी का मामला
कैथल,/ 06 मई /अटल हिन्द ब्यूरो/नरेश
कैथल पुलिस द्वारा समय समय पर आमजन को साइबर अपराधो पर जागरूक किया जा रहा है, वहीं पर एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के आदेशानुसार साइबर अपराधियों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है।
ऐसे ही एक मामले में छात्रा के साथ पिता का दोस्त बन लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना साइबर क्राईम पुलिस टीम द्वारा मेवात जंगल से दो आरोपियों को काबु किया गया है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि देवीगढ़ रोड कैथल निवासी सिमरन की शिकायत अनुसार उसका यूनियन बैंक में खाता है।
26 अप्रैल को उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को उसके पिता परमजीत का दोस्त मनोज बताया। उसने कहा कि उसके पिता ने 90 हजार रुपये भेजने के लिए कहा है। उसने उस व्यक्ति से गूगल पे के माध्यम से पैसे भेजने को कहा। इसके बाद आरोपी ने 10 रुपये, 10 हजार रुपये और 20 हजार रुपये के फर्जी ट्रांजैक्शन मैसेज भेजे।
फिर उसने कहा कि गलती से 12 हजार की जगह 30 हजार रुपये भेज दिए हैं और 18 हजार रुपये वापस करने को कहा। इस पर सिमरन ने 12,800 रुपये उसके बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए। जिसके बाद उस नंबर पर आगे ट्रांसफर नहीं हो पाया, तो आरोपी ने आयुष्मान शिवहरे नाम से एक व्हाट्सएप नंबर से क्यूआर स्कैनर भेजा।
झांसे में आकर उसने अपने खाते से 27 हजार रुपये और मां के खाते से 48 हजार रुपये गूगल पे से ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी ने एक और स्कैनर भेजा, जिस पर उसने 20 हजार रुपये और ट्रांसफर कर दिए गए। बाद में जब उसने अपने और अपनी मां के खातों की शेष राशि देखी तो उसे पता चला कि आरोपी ने रकम भेजी ही नहीं थी, बल्कि केवल फर्जी मैसेज के जरिए उसे भ्रमित किया गया था।
इस तरह कुल 1,07,800 रुपये की ठगी की गई। जिस बारे थाना साइबर क्राइम थाना में मामला दर्ज कर लिया गया। एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के आदेशानुसार मामले की जांच थाना साइबर क्राइम में इंचार्ज एएसआई मनीष कुमार की अगुवाई में एएसआई अमृतलाल की टीम द्वारा आरोपी गांव मामलिका जिला मेवात निवासी मोम्महद मकसूद व नसिम को मेवात के जंगलों से काबू कर लिया गया।
आरोपी उक्त जंगलो में बैठकर साइबर फ्रोड की वारदात को अंजाम देते थे। आरोपी नासिम को न्यायालय के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि आरोपी मोहमद मकसूद का 2 दिन पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।


