Author: atalhind
पिछले दशक में हमने अवसंरचना पर बहुत अधिक ध्यान केंद्रित किया है : नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के लिए प्रौद्योगिकी सुधार और…
पैक्स के सदस्यों का सर्व सम्मति से हुआ चुनाव 11 गांवों से 28 सदस्यों ने किया था नामाकंन पत्र दाखिल 10 सदस्य सर्व सम्मति से चुने…
जेएनयू राजद्रोह केस के एक दशक बाद : भारतीय विश्वविद्यालयों में असहमति की ख़ामोश आवाज़ें Jawaharlal Nehru University (जेएनयू) में वर्ष 2016 में आयोजित एक…
हिन्दू धर्म में वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करने से आपके जीवन में सुख और समृद्धि आएगी. वास्तु शास्त्र के अनुसार, दैनिक कार्यों का हमारे जीवन पर सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव अवश्य पड़ता है, इसीलिए कहा जाता है कि सभी कार्य वास्तु शास्त्र के अनुसार ही करने चाहिए. ताकि हमें शारीरिक, मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े, लेकिन कई बार हम जाने-अनजाने में कुछ गलतियां कर देते हैं जिसके कारण व्यक्ति को एक ही समय में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. साथ ही आर्थिक संकट इतना बड़ा हो जाता है कि व्यक्ति […]
Reliance Jio का दबदबा कायम है, कंपनी ने एक बार फिर से इस बात को साबित कर दिया है. हाल ही में ट्राई ने फरवरी 2025 डेटा को रिलीज किया है, डेटा से इस बात का पता चला है कि जियो और Airtel से नए सब्सक्राइबर्स जुड़ रहे हैं लेकिन वहीं Vi और BSNL की स्थिति काफी खराब बनी हुई है. ट्राई के फरवरी डेटा में किस कंपनी ने सबसे ज्यादा नए सब्सक्राइबर्स कमाए और किस कंपनी ने सबसे ज्यादा सब्सक्राइबर्स गंवाए हैं? चलिए जानते हैं. Reliance Jio को कितना फायदा? ट्राई डेटा के हिसाब से फरवरी में रिलायंस जियो […]
उचित रंगों के इस्तेमाल से सही कर सकते हैं अपने घर का वास्तु…जानें कौन से रंग लायेगें घर में पॉजीटिविटी
वास्तव में रंगों का विशेष महत्व होता है. रंग ग्रहों द्वारा संचालित होते हैं. हर रंग के पीछे कोई ना कोई ग्रह कार्य करता है, जैसे लाल रंग सूर्य को इंडिकेट करता है. जिस प्रकार ग्रहों का हमारे जीवन पर पूर्ण प्रभाव होता है, उसी प्रकार यह रंग भी हमारे जीवन पर पूर्ण प्रभाव डालते हैं, जैसे की काला रंग निर्ममता या कठोरता का होता है, इसलिए जज को काला कोट पहनाया जाता है जिससे वह कठोर निर्णय ले पाता है. एक वकील, जल्लाद को भी काले कपड़े पहनाए जाते हैं, जिससे उनके मन में ममता दया ना आ पाये. […]
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से केंद्र सरकार एक्शन मोड में दिखाई दे रही है. केंद्र के एक्शन को देखते हुए आतंकवाद को पालने वाले पाकिस्तान में खलबली मची हुई है. उसे डर है कि कहीं भारत उसके ऊपर हमला न कर दे. इस बीच उसने अपने आतंक के आकाओं को छिपाने का काम भी शुरू कर दिया है. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI आतंक के सरगना यानी लश्कर चीफ हाफिज सईद और आतंकी मसूद अजहर को बिल में दुबका रही है. जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान को हाफिज सईद पर हमले का डर सता रहा है. […]
आम केवल एक फल नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और स्वाद का अभिन्न हिस्सा है. गर्मियां शुरू होती ही आम की बहार आ जाती है. आम खाना हर कोई पसंद करता है. अपने स्वाद के कारण आम सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाला फल है. भारत के हर कोने में आम की कोई न कोई खास किस्म पाई जाती है- जिनके नाम अपने इतिहास, भूगोल या स्थानीय विशेषताओं से जुड़े होते हैं. हर आम का स्वाद, रंग और रूप एकदम अलग होता है. ज्यादातर लंगड़ा, चौसा, सफेदा और दशहरी आम खाए जाते हैं. लेकिन क्या आपने इनके नामों के […]
IPL 2025 में केएल राहुल के बल्ले से किस कदर रन बरस रहे हैं, ये बताने की जरूरत नहीं. कभी ओपनिंग तो कभी नंबर 4 की पोजिशन, हर रोल में राहुल अपनी नई आईपीएल फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स के लिए फिट बैठते दिखे हैं. IPL 2025 में दिल्ली कैपिटल्स प्लेऑफ की रेस में आगे चल रही है और उसमें भी केएल राहुल के रोल को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. लेकिन, प्लेऑफ की रेस में दौड़ना और प्ले ऑफ का टिकट हासिल करने में थोड़ा तो फर्क होता है. केएल राहुल का इरादा दिल्ली की टीम के लिए उसी फर्क […]
न ऋतिक की वॉर 2, न सनी देओल की लाहौर 1947, बिना बड़े स्टार वाली ये पिक्चर जीत गई सबसे बड़ी जंग
साल 2025 के चार महीने बीत चुके हैं और अब एक ऐसी फिल्म की रिलीज डेट बहुत पास है, जो बॉक्स ऑफिस पर धमाका कर सकती है. इस साल कई बड़ी फिल्में आएंगी, जिनमें बॉलीवुड और साउथ सिनेमा की फिल्में शामिल हैं, लेकिन उन फिल्मों के बीच ये फिल्म अपनी अलग और बड़ी जगह बनाएगी, और इस फिल्म का नाम ‘कंतारा चैप्टर 1’ है. इस साल कई बड़ी फिल्में आईं, जो पब्लिक को थिएटर्स तक लाने में उतनी सफल नहीं हो पाईं, जितनी की उम्मीद जताई जा रही थी. इसमें विक्की कौशल की ‘छावा’ और मोहनलाल की ‘एल2: एमपुरान’ भी […]
अटल हिन्द - राष्ट्रीय हिंदी दैनिक
राजकुमार अग्रवाल (मुख्य संपादक)
