चंडीगढ़/6 मई /अटल हिन्द ब्यूरो /योगेश गर्ग
विदेश में कोई हरियाणवी मरता है तो शव लाने का खर्च हरियाणा सरकार देगी, लेकिन केवल वैध वीजा लेकर गए युवाओं को ही यह सुविधा मिलेगी।विदेशों में बेहतर भविष्य की तलाश में गए हरियाणा के युवाओं की मौत और परिवारों की बेबसी को देखते हुए हरियाणा सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।
सरकार प्रभावित परिवारों के लिए विशेष सहायता कोष बनाने जा रही है। हाल के महीनों में खासकर रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे युवाओं के मामलों ने इस नीति की जरूरत को और गंभीर बना दिया है,
जहां परिवारों को शव वापस लाने के लिए महीनों इंतजार और भारी खर्च उठाना पड़ रहा था।हरियाणा विदेश सहयोग विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सरकार ऐसी नीति तैयार कर रही है जिसमें सहायता लेने की प्रक्रिया और शर्तें पूरी तरह स्पष्ट होंगी।
केवल वैध वीजा पर विदेश गए हरियाणवी युवाओं को ही इस योजना का लाभ मिलेगा।
सरकार सिर्फ आर्थिक मदद नहीं देगी, बल्कि विदेश में फंसे लोगों और उनके परिजनों को तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराएगी। विदेश मंत्रालय और संबंधित दूतावासों के साथ समन्वय कर शवों को भारत लाने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि विदेश में दुर्घटना या बीमारी से मौत होने पर परिवारों को भारी आर्थिक और प्रशासनिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। रूस से शव लाने में अकेले 20 लाख रुपये तक का खर्च आ जाता है, जो कई परिवारों के लिए असंभव होता है।
पिछले महीने ही रूस से हरियाणा के चार युवाओं के शव लाए गए थे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस मुद्दे को लेकर काफी चिंतित रहे हैं। कुछ समय पहले उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। अधिकारियों ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है और जल्द ही उच्च स्तरीय बैठक में फैसला लिया जाएगा।
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