देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के लिए 18वां गोयल पुरस्कार 3 अप्रैल को
भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद मुख्य अतिथि
कुवि कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा करेंगे समारोह की अध्यक्षता
समारोह के आयोजन की तैयारियां जोरों पर, विभिन्न कमेटियां गठित
कुरुक्षेत्र/ 01 अप्रैल/अटल हिन्द ब्यूरो
भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद मुख्य अतिथि
कुवि कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा करेंगे समारोह की अध्यक्षता
समारोह के आयोजन की तैयारियां जोरों पर, विभिन्न कमेटियां गठित
कुरुक्षेत्र/ 01 अप्रैल/अटल हिन्द ब्यूरो
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में 03 अप्रैल 2026 को 18वें गोयल पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन होगा जिसमें देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों को विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए गोयल पुरस्कार एवं राजीब गोयल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस समारोह की गरिमा को बढ़ाने के लिए भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा करेंगे। उनके नेतृत्व में यह आयोजन शैक्षणिक उत्कृष्टता और वैज्ञानिक उपलब्धियों का प्रतीक बनेगा। कविकुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने विश्वास जताया है कि गोयल पुरस्कार के लिए गठित कमेटियों के समन्वित प्रयासों से इस अवार्ड समारोह का भव्य और सफल रूप से आयोजन होगा। यह समारोह विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियां प्राप्त करने वाली महान विभूतियों को सम्मानित करने का महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
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वरिष्ठ वैज्ञानिकों को मिलेगा गोयल पुरस्कार
समारोह में वरिष्ठ श्रेणी के चार प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों को विज्ञान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए गोयल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। जिसमें प्रो. अनिरुद्ध पंडित को अप्लाईड साइंस, प्रो. थलप्पिल प्रदीप को कैमिकल सांइस, प्रो. परमजीत खुराना को लाइफ साइंस तथा प्रो. श्रीराम रामास्वामी को फिजिकल साइंस के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।
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युवा वैज्ञानिकों को मिलेगा राजीब गोयल पुरस्कार
समारोह में देश के चार युवा वैज्ञानिकों को भी विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए राजीव गोयल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। सम्मानित होने वालों में प्रो. गोपीनाथ पैकिरिसामी अप्लाईड साइंस, प्रो. देबब्रत मैती केमिकल साइंस, डॉ. दुर्बा पाल लाइफ साइंस तथा प्रो. समरजीत कर्मकार फिजिकल साइंस शामिल हैं। गौरतलब है कि ये युवा वैज्ञानिक अपने अभिनव शोध और उभरते योगदान के लिए देशभर में विशिष्ट पहचान बना चुके हैं।बॉक्स
वैज्ञानिक समागम का महत्वपूर्ण मंच
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि 18वां गोयल पुरस्कार समारोह विज्ञान और शोध के क्षेत्र में उत्कृष्टता को सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का यह आयोजन न केवल वैज्ञानिक उपलब्धियों को पहचान देगा, बल्कि युवा पीढ़ी को नवाचार और अनुसंधान के लिए प्रेरित भी करेगा। उन्होंने बताया कि कुवि कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में गठित गोयल पुरस्कार आयोजन समिति में सह-अध्यक्ष के रूप में प्रो. एसपी सिंह, बतौर उपाध्यक्ष प्रो. हरि सिंह व प्रो. सुनील ढींगरा, सदस्य रूप में प्रो. एमिरट्स प्रो एनके माटा, प्रो. दिनेश कुमार, प्रो. संजीव अरोड़ा, प्रो. संजीव अग्रवाल, प्रो. अनिल मित्तल, डॉ. संगीता तथा संयोजक के रूप में प्रो. अनीता भटनागर शामिल हैं।बॉक्स
तैयारियां अंतिम चरण में, सफल आयोजन के लिए विभिन्न कमेटियां गठित
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु एवं गोयल पुरस्कार आयोजन कमेटी के अध्यक्ष प्रो. सोमनाथ सचदेवा के निर्देशानुसार पुरस्कार समारोह के सफल आयोजन के लिए विभिन्न कमेटियां गठित की गई जिनकी ओर से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। समिति की संयोजक प्रो. अनीता भटनागर ने बताया कि सभी प्रतिष्ठित वैज्ञानिक कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परिसर में 2 अप्रैल को तक पहुंचेगे तथा उनके स्वागत के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने बताया कि समारोह के सफल आयोजन के लिए रिसेप्शन एवं अतिथि स्वागत की विशेष व्यवस्था, मंच एवं बैठने की व्यवस्थाओं, सजावट और सांस्कृतिक वातावरण की जिम्मेदारी, अतिथियों की सुविधा के लिए परिवहन व भ्रमण व्यवस्था, खानपान और आतिथ्य पर विशेष प्रबंध, तकनीकी और मीडिया प्रबंधन, स्मारिका तथा प्रकाशन कार्य के लिए कमेटियां बनाई गई हैं।
वरिष्ठ वैज्ञानिकों को मिलेगा गोयल पुरस्कार
समारोह में वरिष्ठ श्रेणी के चार प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों को विज्ञान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए गोयल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। जिसमें प्रो. अनिरुद्ध पंडित को अप्लाईड साइंस, प्रो. थलप्पिल प्रदीप को कैमिकल सांइस, प्रो. परमजीत खुराना को लाइफ साइंस तथा प्रो. श्रीराम रामास्वामी को फिजिकल साइंस के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।
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युवा वैज्ञानिकों को मिलेगा राजीब गोयल पुरस्कार
समारोह में देश के चार युवा वैज्ञानिकों को भी विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए राजीव गोयल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। सम्मानित होने वालों में प्रो. गोपीनाथ पैकिरिसामी अप्लाईड साइंस, प्रो. देबब्रत मैती केमिकल साइंस, डॉ. दुर्बा पाल लाइफ साइंस तथा प्रो. समरजीत कर्मकार फिजिकल साइंस शामिल हैं। गौरतलब है कि ये युवा वैज्ञानिक अपने अभिनव शोध और उभरते योगदान के लिए देशभर में विशिष्ट पहचान बना चुके हैं।बॉक्स
वैज्ञानिक समागम का महत्वपूर्ण मंच
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि 18वां गोयल पुरस्कार समारोह विज्ञान और शोध के क्षेत्र में उत्कृष्टता को सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का यह आयोजन न केवल वैज्ञानिक उपलब्धियों को पहचान देगा, बल्कि युवा पीढ़ी को नवाचार और अनुसंधान के लिए प्रेरित भी करेगा। उन्होंने बताया कि कुवि कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में गठित गोयल पुरस्कार आयोजन समिति में सह-अध्यक्ष के रूप में प्रो. एसपी सिंह, बतौर उपाध्यक्ष प्रो. हरि सिंह व प्रो. सुनील ढींगरा, सदस्य रूप में प्रो. एमिरट्स प्रो एनके माटा, प्रो. दिनेश कुमार, प्रो. संजीव अरोड़ा, प्रो. संजीव अग्रवाल, प्रो. अनिल मित्तल, डॉ. संगीता तथा संयोजक के रूप में प्रो. अनीता भटनागर शामिल हैं।बॉक्स
तैयारियां अंतिम चरण में, सफल आयोजन के लिए विभिन्न कमेटियां गठित
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु एवं गोयल पुरस्कार आयोजन कमेटी के अध्यक्ष प्रो. सोमनाथ सचदेवा के निर्देशानुसार पुरस्कार समारोह के सफल आयोजन के लिए विभिन्न कमेटियां गठित की गई जिनकी ओर से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। समिति की संयोजक प्रो. अनीता भटनागर ने बताया कि सभी प्रतिष्ठित वैज्ञानिक कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परिसर में 2 अप्रैल को तक पहुंचेगे तथा उनके स्वागत के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने बताया कि समारोह के सफल आयोजन के लिए रिसेप्शन एवं अतिथि स्वागत की विशेष व्यवस्था, मंच एवं बैठने की व्यवस्थाओं, सजावट और सांस्कृतिक वातावरण की जिम्मेदारी, अतिथियों की सुविधा के लिए परिवहन व भ्रमण व्यवस्था, खानपान और आतिथ्य पर विशेष प्रबंध, तकनीकी और मीडिया प्रबंधन, स्मारिका तथा प्रकाशन कार्य के लिए कमेटियां बनाई गई हैं।
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