अभय सिंह चौटाला ने आरोप लगाया कि राज्य की भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का “बिना पर्ची, बिना खर्ची” का दावा केवल दिखावा है।
पंचकूला/18 मई /अटल हिन्द ब्यूरो
चकूला में सोमवार को उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया जब इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ने भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं और हरियाणा के युवाओं की अनदेखी के आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन हरियाणा लोक सेवा आयोग के कार्यालय के बाहर किया गया, जहां बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे।
प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए INLD के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने आरोप लगाया कि राज्य की भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का “बिना पर्ची, बिना खर्ची” का दावा केवल दिखावा है। उनके अनुसार, ग्रुप बी की नौकरियों में बड़े पैमाने पर हरियाणा के बाहर के उम्मीदवारों की नियुक्ति की जा रही है, जबकि राज्य के उच्च शिक्षित युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं।
अभय सिंह चौटाला ने यह भी आरोप लगाया कि पीएचडी, नेट, एमए, एमफिल और एमटेक जैसी उच्च योग्यताएं रखने वाले युवाओं को अपेक्षित अवसर नहीं मिल रहे, जबकि कई मामलों में उन्हें छोटे पदों पर नियुक्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति राज्य के युवाओं के साथ अन्याय है और इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा, जिसे पंचकूला की एडीसी के माध्यम से भेजा गया। चौटाला ने मांग की कि राज्यपाल इस मामले में हस्तक्षेप करें और भर्ती प्रक्रिया की जांच कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो INLD पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन शुरू करेगी।
पूर्व मंत्री संपत सिंह ने कहा कि देश में युवाओं की बड़ी आबादी होने के बावजूद उन्हें रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संस्थानों पर वैचारिक प्रभाव डालने की कोशिशें हो रही हैं, जिससे निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
वहीं INLD प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने कई विभागों की भर्तियों का हवाला देते हुए दावा किया कि ए और बी ग्रुप की नौकरियों में 90 प्रतिशत से अधिक नियुक्तियां बाहरी राज्यों से हुई हैं। उन्होंने विभिन्न विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की नियुक्तियों का उल्लेख करते हुए इसे गंभीर मुद्दा बताया।
युवा नेता करण चौटाला ने कहा कि बेरोजगारी के कारण प्रदेश का युवा नशे और अपराध की ओर बढ़ रहा है, जो समाज के लिए चिंताजनक है। उन्होंने सरकार से युवाओं को रोजगार देने पर ध्यान केंद्रित करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और विधायक शामिल थे। भीड़ ने HPSC कार्यालय की ओर बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स पर उन्हें रोक दिया गया।
इस दौरान कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति भी बनी रही। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। एक महिला कार्यकर्ता द्वारा बैरिकेड पार करने की कोशिश पर पुलिस ने उसे रोक लिया, हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया गया। पूरा प्रदर्शन अंततः शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया, लेकिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा।


